बीएसएफ जवान की हत्या के मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। इंचौली थाना क्षेत्र के धनपुर गांव निवासी 36 वर्षीय नैन सिंह बीएसएफ की 78वीं वाहिनी में कांस्टेबल के पद पर मालदा पश्चिम बंगाल में तैनात थे। वह अपने चचेरे भाई सूरज की शादी में शामिल होने के लिए घर आए थे।
बेडरूम में सोते समय उन्हें गोली मार द
27 मार्च शुक्रवार की रात अज्ञात हमलावरों ने घर के बेडरूम में सोते समय उन्हें गोली मार दी। परिवार को घटना की जानकारी 28 मार्च शनिवार को हुई जब नैन सिंह देर तक कमरे से बाहर नहीं आए। परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो उनके सिर में गोली लगी थी और उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतक के पिता गरीबदास ने पड़ोसी महेश कुमार, प्रेम, नीशू और शिवम के खिलाफ पुरानी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। नैन सिंह का अंतिम संस्कार 29 मार्च को पोस्टमॉर्टम के बाद गांव में ही कर दिया गया।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे
परिजनों का आरोप है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया है। मृतक के भाई प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में तो लिया है, लेकिन अब तक उनका चालान नहीं किया गया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदीप कुमार ने सवाल उठाया कि यदि बीएसएफ जवान की हत्या के मामले में पुलिस ढिलाई बरत रही है, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा। परिजनों ने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया है मामले में जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाएगा।