लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर भाजपा के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। नामांकन पत्रों की जांच में दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने और नाम वापसी की समयसीमा तक किसी अन्य उम्मीदवार के मैदान में नहीं रहने से मतदान की जरूरत नहीं पड़ी। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान नहीं होगा। रिटर्निंग अधिकारी ने निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर दी है।
भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान निर्वाचित हुए हैं। सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े धनराज परिमल नथवानी भी राज्यसभा पहुंच गए हैं। नवनिर्वाचित सदस्यों को विधानसभा में निर्वाचन प्रमाणपत्र दिए गए।
इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। रिक्त हो रही 10 सीटों में आठ भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास थी। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर भाजपा गठबंधन को आठ और सपा को दो सीटें मिलीं। इस परिणाम के साथ राज्यसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया।
प्रमाणपत्र मिलने के बाद प्रकाश पाल ने कहा कि वह पिछले 36 वर्षों से पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। अब सदन में प्रदेश और देश की जनता की समस्याएं उठाएंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव का रुझान विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगा। उनके मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा 80 प्रतिशत और इंडिया गठबंधन 20 प्रतिशत सीटें जीतेगा।