बुद्ध पूर्णिमा का पर्व भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। साल 2026 में बुद्ध पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि यह 30 अप्रैल को मनाई जाएगी या 1 मई को। आइए जानते हैं इसकी सही तिथि और शुभ मुहूर्त।
कब है बुद्ध पूर्णिमा 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल को शुरू होकर 1 मई तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर अधिकतर स्थानों पर बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जाएगी। हालांकि, कुछ जगहों पर 30 अप्रैल को भी पूजा-अर्चना की जा सकती है।
शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्योदय के बाद पूजा करना शुभ माना जाता है। ध्यान, साधना और भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर श्रद्धा से पूजा करने से मन को शांति मिलती है। दिनभर दान-पुण्य और सत्संग करने का भी विशेष फल बताया गया है।
बुद्ध पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
इस दिन भगवान बुद्ध के जीवन की तीन प्रमुख घटनाएं—जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण—घटित हुई थीं। इसलिए इसे त्रिविध पावन दिन भी कहा जाता है। यह पर्व हमें अहिंसा, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। बौद्ध विहारों में विशेष प्रार्थनाएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कैसे मनाएं यह पावन पर्व
बुद्ध पूर्णिमा के दिन सफेद वस्त्र धारण करना, जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पेड़-पौधों को पानी देना और जीवों के प्रति दया भाव रखना भी इस दिन का मुख्य संदेश है। इस दिन क्रोध और नकारात्मकता से दूर रहकर शांति और प्रेम का मार्ग अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि मानी जाती है।