बजट 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और इस बार भी सरकार का सबसे बड़ा फोकस कैपेक्स यानी पूंजीगत खर्च पर रहने की उम्मीद है। मौजूदा कारोबारी साल में कैपेक्स के लिए 11.21 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। सरकार मानती है कि सड़क, रेल, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से अर्थव्यवस्था को लंबी रफ्तार मिलती है।
कैपेक्स क्यों है बजट का सबसे अहम हथियार
कैपेक्स का मतलब उन परियोजनाओं पर खर्च से है, जो लंबे समय तक देश की संपत्ति बनती हैं। सड़कें, पुल, रेलवे नेटवर्क, रक्षा उपकरण और ऊर्जा प्रोजेक्ट इसी का हिस्सा हैं। जितना ज्यादा कैपेक्स, उतना ज्यादा काम, रोजगार और आर्थिक गतिविधि। यही वजह है कि निवेशक बजट से पहले कैपेक्स से जुड़े शेयरों पर खास नजर रखते हैं।
कैपेक्स में कितनी बढ़ोतरी संभव
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कैपेक्स को बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ाना आसान नहीं है। PwC के आर्थिक सलाहकार राणेन बनर्जी के अनुसार, एक साथ 30 प्रतिशत बढ़ोतरी संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए मशीनरी, कंस्ट्रक्शन कंपनियों और संसाधनों की सीमाएं हैं। इसलिए कैपेक्स में करीब 10 प्रतिशत की व्यावहारिक बढ़ोतरी ज्यादा संभव मानी जा रही है।
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डिफेंस सेक्टर क्यों दिख रहा सबसे मजबूत
इस बजट में डिफेंस सेक्टर सबसे बड़ा फायदा उठाने वाला माना जा रहा है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, आने वाले साल में डिफेंस खर्च में करीब 15 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। स्वदेशी हथियारों पर जोर, आपात खरीद और निर्यात बढ़ाने की नीति से इस सेक्टर को मजबूती मिल रही है। यही कारण है कि डिफेंस शेयर निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर की क्या रहेगी स्थिति
रेलवे पर भी बजट में अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है। सरकार सुरक्षा, सिग्नलिंग सिस्टम और नई ट्रेनों की खरीद पर खर्च बढ़ा सकती है। वहीं सड़क, आवास और बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में खर्च स्थिर लेकिन लगातार रहने की संभावना है। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे सेक्टर भी कैपेक्स से फायदा उठा सकते हैं।
निवेशकों के लिए संकेत क्या कहते हैं
बजट 2026 में कैपेक्स बढ़ता है तो डिफेंस, रेलवे और चुनिंदा इंफ्रा कंपनियों के शेयरों में हलचल तेज हो सकती है। हालांकि सरकार वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखना चाहती है, इसलिए बहुत बड़ा उछाल सीमित रह सकता है। कुल मिलाकर, इस बजट में वही सेक्टर मुनाफा करा सकते हैं, जो सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्र में हैं।