Budget 2026: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की विशाल संख्या को देखते हुए बजट 2026 में 'शी-मार्ट' की घोषणा की गई है। कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट, ये मार्ट क्लस्टर-लेवल फेडरेशन के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा केंद्र के रूप में काम करेंगे।
बढेगी बाजार पहुंच
इससे यूपी की 'लखपति दीदियों' को अपने उत्पादों (जैसे चिकनकारी, हस्तशिल्प और जैविक खाद्य पदार्थ) को सीधे बाजार में बेचने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
पूंजीगत सहायता: ऋण-आधारित आजीविका से आगे बढ़कर उद्यम स्वामित्व तक पहुंचने के लिए महिलाओं को अभिनव वित्तीय साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
नौकरीपेशा और छात्राओं के लिए हर जिले में हॉस्टल
कामकाजी महिलाओं और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही लड़कियों के लिए सुरक्षा और आवास की समस्या को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल: केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों सहित देशभर के हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल बनाएगी।
सुरक्षित आवागमन
यह पहल उन लड़कियों और महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें काम या पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर शहरों में रहना पड़ता है।
'नमो ड्रोन दीदी' और स्मार्ट खेती
यूपी के कृषि प्रधान ढांचे को देखते हुए 'नमो ड्रोन दीदी' योजना का विस्तार किया गया है। महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे आधुनिक खेती (खाद और कीटनाशक छिड़काव) में सेवा प्रदाता बन सकें।
आय का नया स्रोत
इस योजना से स्वयं सहायता समूल की महिलाओं को सालाना कम से कम ₹1 लाख की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। नए आयकर स्लैब और ₹4 लाख तक की आय पर शून्य टैक्स से कामकाजी महिलाओं के हाथ में अधिक बचत बचेगी।
स्किलिंग और रोजगार
युवाओं और महिलाओं के लिए स्किल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नए करियर पाथवे (जैसे एलाइड हेल्थ और केयर इकोसिस्टम) के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। यह बजट उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को 'उद्यमी' बनाने और नौकरीपेशा महिलाओं को 'सुरक्षित बुनियादी ढांचा' प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 1.4 लाख करोड़ रुपये का राज्यों को आवंटन यूपी में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेगा।