केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए साफ संदेश दिया कि आने वाले समय में तकनीक ही भारत की असली ताकत बनेगी। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक में आगे चलने वाला देश बनेगा। इसी सोच के तहत सरकार ने गेमिंग और डिजिटल कंटेंट बनाने वाले सेक्टर को खास बढ़ावा देने का ऐलान किया है, जिससे युवाओं के लिए नए मौके खुल सकें।
क्रिएटर इकोनॉमी को मिलेगा संगठित समर्थन
बजट में तेजी से बढ़ रही क्रिएटर इकोनॉमी पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक्स से जुड़े कामों को एक साथ आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस पूरे सेक्टर को अब सरकारी स्तर पर साफ दिशा और मजबूत समर्थन मिलेगा। इसका मकसद है कि जो युवा मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल माध्यम से कुछ नया करना चाहते हैं, उन्हें सही मंच और साधन मिल सकें।
स्कूल और कॉलेजों में बनेंगी खास लैब
सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि देश के 1500 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाई जाएंगी। इन लैब्स में छात्रों को गेम डिजाइन, एनीमेशन, दृश्य प्रभाव और डिजिटल कंटेंट बनाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के पास 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप भी बनाई जाएंगी, ताकि पढ़ाई और रोजगार के बीच सीधा तालमेल बन सके।
10 लाख से ज्यादा युवाओं को मिलेगा काम
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में इस क्रिएटिव सेक्टर के जरिए 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले। इसके लिए युवाओं को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि काम के लायक हुनर सिखाने पर जोर दिया जाएगा। ट्रेनिंग ऐसी होगी, जिससे पढ़ाई पूरी करते ही युवा सीधे काम शुरू कर सकें और अपना करियर बना सकें।
डिजाइन और डिजिटल हुनर पर खास जोर
बजट में डिजाइन शिक्षा को मजबूत करने की भी बात कही गई है। नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोले जाएंगे, जहां रचनात्मक और तकनीकी हुनर को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों को नए जमाने की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा, ताकि वे देश और दुनिया दोनों जगह अपनी पहचान बना सकें।
डिजिटल ढांचा होगा और मजबूत
सरकार ने साफ किया है कि बेहतर इंटरनेट सुविधा और डिजिटल ढांचे पर भी बड़ा निवेश किया जाएगा। इससे ऑनलाइन कंटेंट और गेमिंग से जुड़े काम आसान होंगे। साथ ही जरूरी उपकरण और तकनीकी साधन भी ज्यादा सुलभ और किफायती बनेंगे। कुल मिलाकर बजट 2026 युवाओं के लिए संदेश है कि अब शौक भी रोजगार बन सकता है।