वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश होते ही शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एफ एंड ओ से जुड़े लेनदेन पर STT बढ़ाने का ऐलान किया, जिसके बाद निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई। इस बार STT को 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है। जैसे ही यह ऐलान हुआ, बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और देखते ही देखते सेंसेक्स करीब 2000 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 700 अंक गिरकर 24,800 के नीचे आ गया।
हर सेक्टर में बिकवाली, निवेशक परेशान
बाजार में गिरावट सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। ऑटो, बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और पीएसयू बैंक जैसे सभी सेक्टर दबाव में नजर आए। बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 3 में तेजी दिखी, जबकि 27 शेयर गिरावट में रहे। सनफार्मा, टीसीएस और कोटक महिंद्रा को छोड़ दें तो बाकी शेयरों में 5 से 8 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
STT क्या है और क्यों असर पड़ा
शेयर बाजार में जब भी कोई निवेशक किसी शेयर या डेरिवेटिव को खरीदता या बेचता है, तो उस पर एक ट्रांजैक्शन टैक्स लगता है, जिसे सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT कहा जाता है। बजट में यह टैक्स खासतौर पर एफ एंड ओ में प्रीमियम की खरीद-बिक्री पर बढ़ाया गया है। इसका मतलब है कि अब ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी। बाजार को डर है कि इससे छोटे और मझोले ट्रेडर्स की गतिविधि कम हो सकती है, इसी वजह से निवेशकों ने तेजी से बिकवाली का रास्ता अपनाया।
कुछ शेयर टूटे, कुछ में आई हल्की राहत
बाजार खुलते ही हिंदुस्तान जिंक में करीब 10 फीसदी, हिंदुस्तान कॉपर में 18 फीसदी से ज्यादा और हिंडाल्को में लगभग 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं डिफेंस सेक्टर में थोड़ी खरीदारी दिखी। BEL और Data Pattern जैसे शेयर करीब 2 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बजट में एक सकारात्मक संकेत विदेशी निवेशकों के लिए भी आया है, जहां अब विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को भारतीय बाजार में निवेश की अनुमति दी गई है। हालांकि फिलहाल STT बढ़ोतरी का असर बाजार पर भारी पड़ता नजर आ रहा है और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।