संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन भी राजनीतिक माहौल गर्म नजर आया। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में अव्यवस्था फैल गई। हालात बिगड़ते देख पीठ को कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और चीन से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है।
कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी सांसदों ने अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध दर्ज कराया। नारेबाजी और वेल में पहुंचकर प्रदर्शन के चलते सदन की सामान्य कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अध्यक्ष की ओर से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन हंगामा थमता नजर नहीं आया।
व्यापार समझौते और चीन पर सवाल
विपक्ष की ओर से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और चीन से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि इन विषयों पर संसद में विस्तृत चर्चा जरूरी है। इसी मांग को लेकर बार-बार नारेबाजी की गई, जिससे सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि पहले भी इसी तरह के व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर चर्चा को रोक रहा है। सरकार का तर्क है कि सभी मुद्दों पर नियमों के तहत बात करने का अवसर दिया जाएगा।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा अटकी
आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन हंगामे के कारण यह आगे नहीं बढ़ सकी। सदन में बार-बार व्यवधान आने से कई अहम विधायी और आर्थिक विषयों पर बहस टलती जा रही है, जिससे बजट सत्र की कार्यवाही पर असर पड़ रहा है।
कार्यवाही दोपहर तक स्थगित
लगातार शोर-शराबे के बीच पीठ ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि दोबारा बैठक शुरू होने पर माहौल शांत होता है या फिर राजनीतिक टकराव जारी रहता है। आने वाले घंटों में यह साफ होगा कि बजट सत्र की दिशा किस ओर जाती है।