
देश की खातिर बुलंदशहर के एक और लाल सूबेदार प्रभात गौड ने 27 साल भारतीय सेना में रहकर देश की सुरक्षा करने के दौरान अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुडर वन क्षेत्र में सोमवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में बुलंदशहर के लाल सूबेदार प्रभात गौड़ आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हो गए थे। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-ताइबा के दो खूंखार आतंकी भी ढेर हुए थे। बुधवार को सेना के विशेष वाहन से शहीद प्रभात गौड का पार्थिव शरीर उनके गांव पाली आनंदगढ़ी लाया गया। तिरंगे में लिपटे पिता के शव को देख शहीद की पत्नी मनोरमा और बेटा बेटी लिपटकर फूट फूट कर रो पड़े।
शहीद प्रभात गौड को डीएम श्रुति शर्मा, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह, विधायक देवेंद्र लोधी, सांसद डॉ.भोला सिंह , साथ आए सेना के अधिकारियों ने पुष्प चक्र चढ़ाकर अंतिम नमन किया, गांव में शहीद की अंतिम शव यात्रा में हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, चारों तरफ नारे लग रहे थे कि जब तक सूरज चंद रहेगा प्रभात तेरा नाम रहेगा।
सेना के जवानों ने सलामी दे पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। 10 साल के मासूम बेटे ने शहीद प्रभात गौड को मुखाग्नि दे अंतिम संस्कार किया। शहीद सूबेदार प्रभात गौड अपने पीछे पत्नी मनोरमा, एक बेटी और एक बेटा छोड़ गए है।
शहीद के परिजन बोले..आतंकवाद का खत्मा करें सरकार
शहीद सूबेदार प्रभात गौड के भाई राजवीर गौड ने बताया कि दो दिन पहले फोन पर बात हुई तो प्रभात ने देश के खातिर अपनी लोकेशन तक नहीं बताई। शहीद के परिवार ने सरकार से आतंकवाद के खात्मे की मांग की है। कहा कि आखिर कब तक भारत के लाल शहादत देते रहेंगे, सरकार को आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
डीएम बोली..सरकार आपके साथ
बुलंदशहर की डीएम श्रुति शर्मा ने शहीद की पत्नी मनोरमा यादव का ढांढस बंधवाया और कहा कि दुःख की घड़ी में सरकार और प्रशासन शहीद के परिवार के साथ है। शहीद के परिवार का सरकार सम्मान करती है। शहीद के परिवार की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाएगा।
वीर सपूत प्रभात गौड की कहानी
प्रभात गौड़ 1998 में हाईस्कूल पास करने के बाद भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पहली तैनाती बैलोर में हुई थी। एक वर्ष पहले उनका तबादला जम्मू-कश्मीर में हुआ, जहां उन्हें जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) के पद पर प्रोन्नति मिली थी। उनके पिता एसपी गौड़ और भाई राजुल गौड़ को सैन्य अधिकारियों ने सोमवार सुबह उनके बलिदान की सूचना दी। मंगलवार को सेना का दल उनके पार्थिव शरीर को विशेष वाहन से उनके पैतृक गांव पाली आनंदगढ़ी लाया गया और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
ऑपरेशन गुड़र में दो आतंकी हुए थे ढेर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुडर वन क्षेत्र में हुए सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन में लश्कर-ए-ताइबा के दो खूंखार आतंकियों को मर गिराया गया था। स्थानीय आतंकी आमिर अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकी रहमान भाई को मार गिराया। ऑपरेशन में सूबेदार प्रभात गौड के अलावा एक अन्य जवान लांस नायक नरेंद्र सिंधु भी शहीद हुए। जबकि तीन जवान घायल हो गए।