
यूपी के बुलंदशहर जनपद की अनूपशहर थाना पुलिस ने सिद्धार्थ चंद्रा हत्याकांड का खुलासा कर 3 हत्यारोपियो को गिरफ्तार किया है। एसपी देहात ने बताया कि होटल में रह रहे सिद्धार्थ चंद्रा के खाते के 37 लाख रुपए हड़पने के लिए होटल के अटेंडर ने साथियों साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया, हत्या के बाद UPI के जरिए अलग अलग अकाउंट में 5.48 लाख रुपए भी ट्रांसफर कर लिए थे। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
होटल के अटेंडर को पता था सिद्धार्थ का UPI पिन पासवर्ड, हत्या के बाद किए 5.48 लाख ट्रांसफर 24.09.2025 को थाना अनूपशहर क्षेत्रान्तर्गत जहांगीराबाद दौलतपुर रोड पर सडक किनारे एक व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी शिनाख्त सिद्धार्थ चन्द्रा पुत्र त्रिलोकी चन्द्रा निवासी जसोदिया एन्कलेव फतेहबाद रोड थाना ताजगंज जनपद आगरा। (हाल निवासी 68 वेस्ट मॉडल टाउन मिथलेश नर्सिंग होम के पास थाना कोतवाली जनपद गाजियाबाद।) के रूप में हुई । इस सम्बन्ध में मृतक के भाई आशीष चन्द्रा की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान सर्विलांस टीम ने हत्याकांड के खुलासे में अहम भूमिका निर्वाह की।टीम ने संदिग्धों के नंबर ट्रेस किए, जिसके बाद संदिग्धों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो हत्याकांड का खुलासा हो गया। पुलिस ने बब्लू शर्मा पुत्र नरेश शर्मा निवासी पंचशील कॉलोनी थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर , (स्थायी निवासी ग्राम खलीलपुर थाना धनारी जनपद सम्भल ),मोहित उर्फ संजू पुत्र विनोद कुमार निवासी भैंसरोली थाना गुलावठी बुलन्दशहर। (हाल निवासी-गांव छपरोला थाना बादलपुर गौतमबुद्धनगर),नितेश शर्मा पुत्र चन्द्रपाल निवासी पंचशील कॉलोनी थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर को गिरफ्तार कर आला कत्ल बरामद कर लिया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
एसपी देहात डॉ तेजवीर सिंह ने बताया कि बब्लू शर्मा उपरोक्त द्वारा पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक की शिनाख्त अपने चाचा ओमकार के रुप में की गयी थी। पुलिस द्वारा जांच करने पर ज्ञात हुआ कि बब्लू उपरोक्त के चाचा ओमकार की मृत्यु 3 वर्ष पूर्व हो चुकी है। बब्लू उपरोक्त से पूछताछ करने पर मृतक की शिनाख्त सिद्धार्थ चन्द्रा उपरोक्त के रूप में हुई । मृतक को होटलो में रहाना पंसद था। घर पर कम ही रहता था। होटल में मृतक की मुलाकात 3-4 वर्ष पूर्व ब्बलू शर्मा उपरोक्त से हुई, जो रुम अटेन्डर का काम करता था । जिसका काम मृतक के शोक पुरे करवाना था। मृतक के खाते में काफी पैसा था जिसकी जानकारी बब्लू शर्मा को हो गयी थी तथा मृतक द्वारा यूपीआई करते समय बब्लू ने मृतक का यूपीआई पिन देख लिया था। उसने अपने साथी संजू उर्फ मोहित व नितेश शर्मा के साथ मृतक का पैसा हडपने की योजना बना वारदात को अंजाम दे डाला। पहले सिद्धार्थ चंद्रा को एक कमरा दिलवाया, फिर उसकी खिदमत के लिए अपना भाई छोड़ दिया।
योजना के तहत 23.09.2025 को बब्लू शर्मा, सन्जू उर्फ मोहित व नितेश मोटरसाइकिल पर आये और सिद्धार्थ को अपने साथ ले गए। जहांगीराबाद दौलतपुर रोड पर ग्राम लोधई के पास सडक किनारे खेत में रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गयी तथा फरार हो गये। बबलू को सिद्धार्थ का UPI पिन पता था, हत्या के बाद उसके अकाउंट से 5.48 लाख रुपए अलग अलग खाते में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने बैंक खातों को भी फ्रिज करा दिया है।