बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. नगर कोतवाली क्षेत्र के साठा इलाके में 11 साल की बच्ची स्कूल से घर लौट रही थी। लगातार बारिश होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया था और खुले नाले पूरी तरह पानी में छिप गए थे. इसी दौरान बच्ची का संतुलन बिगड़ गया और वह खुले नाले में गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह कुछ ही सेकंड में पानी के साथ बह गई और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गई.
24 घंटे से ज्यादा समय से तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर पालिका, फायर विभाग और राहत टीम मौके पर पहुंच गई। बच्ची की तलाश के लिए कई घंटों तक नाले के अलग-अलग हिस्सों में खोज अभियान चलाया गया। पानी का बहाव कम करने के प्रयास भी किए गए, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका। प्रशासन का कहना है कि तलाश लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है.
परिवार और लोगों में भारी नाराजगी
इस हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों का कहना है कि अगर नाले को ढका गया होता या समय पर उसकी मरम्मत कर दी गई होती तो उनकी बच्ची आज सुरक्षित होती। स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इलाके में लंबे समय से खुले नाले लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन कई शिकायतों के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बरसात के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बारिश के दौरान जलभराव होने से सड़क और नाले में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि खुले नालों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल पूरे इलाके की निगाहें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि जल्द बच्ची के बारे में कोई जानकारी मिल सकेगी। यह हादसा प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि लापरवाही की कीमत किसी मासूम की जिंदगी से नहीं चुकाई जानी चाहिए.