Drug Accused Mansion : सागर (मध्य प्रदेश)। अनंतपुरा गांव में स्थित मछली परिवार की करोड़ों की कोठी अब प्रशासन के निशाने पर है। ड्रग्स और यौन शोषण जैसे संगीन मामलों में घिरे इस परिवार की 10 करोड़ रुपए की आलीशान कोठी को 15 अगस्त के बाद गिराने की पूरी तैयारी हो चुकी है। यह कोठी एक एकड़ जमीन पर बनी है, जो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की श्रेणी में आती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते फिलहाल प्रशासन ने 15 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने तक कार्रवाई टाल दी है। कोठी के गिरने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, और यह मध्य प्रदेश में बुलडोजर एक्शन का बड़ा उदाहरण बनने जा रही है।
ड्रग्स और शोषण के आरोपों से जुड़ा है मछली परिवा
मछली परिवार पर लंबे समय से ड्रग्स कारोबार और यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने उनकी संपत्तियों का मूल्यांकन शुरू किया और पाया कि उन्होंने अनंतपुरा गांव की शासकीय भूमि पर एक आलीशान तीन मंजिला कोठी खड़ी कर रखी है।
जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि
जिला प्रशासन की जांच में यह सामने आया कि हल्का नंबर 37, खसरा क्रमांक 110 की 7.880 हेक्टेयर जमीन पर छोटे झाड़ का जंगल दर्ज है, जो शासकीय भूमि है। इसी जमीन पर मछली परिवार ने अवैध रूप से निर्माण किया है। प्रशासन ने इस कब्जे को पूरी तरह गैरकानूनी करार देते हुए तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी की रिपोर्ट के आधार पर तोड़फोड़ की सिफारिश कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट की शर्तें, फिर भी कोठी पर मंडरा रहा खतरा
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, कोई भी तोड़फोड़ बिना स्पष्ट कारण और 15 दिन की नोटिस के बिना नहीं की जा सकती। इसी आधार पर मछली परिवार ने कोर्ट का आदेश दिखाकर समय मांगा, जिसे प्रशासन ने मान लिया। लेकिन 15 अगस्त के बाद यह मोहलत खत्म हो जाएगी, और कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
क्या बोले अधिकारी, आगे क्या होगा?
प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि कानून के अनुसार कोई कार्रवाई होती है, तो उसमें सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पूरा पालन किया जाएगा। मछली परिवार को भी सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया है। अब सभी की नजरें 15 अगस्त के बाद की उस कार्रवाई पर टिकी हैं, जो मध्य प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक साबित हो सकती है।