लखनऊ। वाराणसी मेंआखिरकार दालमंडी में बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। दालमंडी में कुल 186 मकान गिराए जाने हैं, जिसमें 9 मकानों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया दीवाली बाद ही शुरू हो गई थी, लेकिन एसआईआर के चलते काम रुक गया। नवंबर से ध्वस्तीकरण का काम रुका था और अब मकानों के बाकी बचे हिस्सों को तोड़ने और बाकी निर्माण पर भी एक्शन के लिए दालमंडी में बुलडोजर की एंट्री हो गई है। मौके पर भारी फोर्स तैनात की गई है। फिलहाल 45 मकानों पर सबसे पहले कार्रवाई होनी है।
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वाराणसी दौरे पर दालमंडी में काम को तेज करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि दालमंडी में मकान की रजिस्ट्री और मलबे हटाने के साथ गिराए जाने वाले मकानों को तेजी से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाए। उसी आदेश के क्रम में दालमंडी में बुलडोजर पहुंचा है।
इस बारे में एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मकानों की रजिस्ट्री की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। छह मकानों को रजिस्ट्री के बाद और एक अवैध रूप से तैयार मकान को गिराने की कार्रवाई पहले ही शुरू की गई थी।
पिछले दो दिनों से बचे हुए शेष तीन मकानों को गिराए जाने की कार्रवाई हो रही थी। इसमें एक मकान को स्वयं मकान मालिक के द्वारा तुड़वाया जा रहा था, बाकी दो संपत्तियों पर हथौड़े के जरिए मजदूरों को लगाकर तुड़वाने का काम किया जा रहा था, लेकिन काम बहुत धीमा चल रहा था। बचे हुए मलबे को हटाने के साथ ही तोड़े गए मकान के बाकी हिस्से को भी हटाना जरूरी है। इसलिए अब यहां पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की जा रही है।
इसमें चौक थाने की बाउंड्री वॉल को सबसे पहले तोड़ा गया। उसके बाद चौक चौराहे के पास ही मौजूद उस स्टूडियो को भी गिराया जा रहा है, जो सबसे पहले खरीदा गया था। यहां तीन मंजिला भवन बुलडोजर के जरिए गिराए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, बाकी भवनों को भी गिराए जाने के लिए जगह बनाने के लिए बुलडोजर के जरिए कार्रवाई आगे जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि भारी सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती की गई है। दोनों एंट्री प्वाइंट्स को बंद किया गया है ताकि बेवजह भीड़ अंदर ना जा सके। लोगों की निगरानी भी की जा रही है ताकि कहीं से कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे माहौल बिगड़े. ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र में निगरानी हो रही है।
एक नजर दालमंडी में एक्शन पर-
अब तक लगभग 45 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है
नौ मकानों पर बुलडोजर एक्शन चल रहा है
टोटल 186 मकानों को गिराए जाने की कार्रवाई होनी है
दालमंडी रोड दो रास्तों (नई सड़क और चौक) को कनेक्ट करती है
यह रास्ता करीब 650 मीटर लंबा है, जो बेहद संकरा और अतिक्रमण की जद में है
यहां पर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल एसेसरीज सहित कई जरूरत के सामानों का होलसेल बाजार है
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भीड़ को देखते हुए यह दूसरे रास्ते के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाएगा
यह सड़क 17.5 मीटर की जाएगी, जिसमें से 12 मकान बिना नक्शा पास की वजह से अवैध घोषित हैं
क्या है प्लान
दालमंडी वाले इस रास्ते को विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए एक नए रास्ते के रूप में डेवलप करने का प्लान पिछले दिनों तैयार किया गया था। इस सड़क को चौड़ा करने के लिए 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट तैयार किया गया था। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो करोड़ रिलीज भी कर दिए गए हैं। इस बजट से यहां पर अतिक्रमण हटाने से लेकर मुआवजा की राशि देने तक का काम जारी है।
प्रोजेक्ट पर आएगा 225 करोड़ रुपए का खर्च : दालमंडी प्रोजेक्ट नई सड़क को चौक थाने से विश्वनाथ धाम को जाने वाली सड़क से जोड़ने का प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 225 करोड़ खर्च आना है। 600 मीटर लम्बी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा करना है।
पीडब्ल्यूडी की तरफ से तैयार किया गया दाल मंडी का एक 3 डी वीडियो भी सामने आया है। लेआउट के मुताबिक सड़क के मध्य से 8.2, 8.2 मीटर चौड़ीकरण का कार्य पूरा किया जाना है। 17.4 मीटर चौड़ीकरण होने के बाद दिल्ली और बेंगलुरु जैसी आधुनिक सड़क के साथ हरियाली और बेहतरीन फुटपाथ का एक लेआउट तैयार किया गया है। दालमंडी में तारों का जंजाल हटाने के साथ ही सारी व्यवस्था यहां अंडर ग्राउंड की जाएगी। 650 मीटर की सड़क पूरी तरह से नो वायर जोन होगी।