यूपी में अपराधियों पर सीएम योगी अपनी निगाह टेढ़ी ही रखते हैं.जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कानून व्यवस्था से छेड़छाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.योगी सरकार का संदेश साफ है, छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चलाकर ये दिखा दिया गया है कि कानून का डर किसे कहते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में छांगुर बाबा की विवादित संपत्ति पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद स्पष्ट कहा है कि सरकार कानून व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी. उन्होंने फ़ौरन निर्देश दिया कि छांगुर बाबा और उसके गिरोह से जुड़ी सभी संपत्तियां जब्त की जाएं और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. सीएम ने कहा कि आरोपी की गतिविगतिविधियां न केवल समाज के लिए बल्कि राष्ट्र के लिए भी ख़तरनाक हैं और महिलाओं की सुरक्षा के खिलाफ जाकर ये लोग इस तरह का अपराध फैला रहे हैं. ऐसे लोगों को कड़ी सज़ा दी जाएगी ताकि यह उदाहरण बन सके.
योगी सरकार का स्पष्ट संदेश
छांगुर बाबा उर्फ़ जमालुद्दीन की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चलाकर यह साफ संदेश दिया गया है कि राज्य में अवैध धर्मांतरण और गैरकानूनी संपत्ति पर सरकार बिल्कुल ढीली नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार बहन‑बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और छांगुर बाबा की गतिविधियां समाज और राष्ट्र के खिलाफ हैं.
सरकार की जीरो टॉलरेंस रणनीति
सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कानून से छेड़छाड़ करने पर किसी को नहीं छोड़ेगी. गलत रूप से जमा की गई संपत्तियां और संरचना बर्दाश्त नहीं होंगी. अवैध धर्मांतरण, महिलाओं की गरिमा के खिलाफ काम और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियां बिल्कुल सहन नहीं होंगी.
मामले में अब तक क्या हुआ?
लखनऊ के एक होटल से छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को यूपी ATS ने गिरफ्तार किया, उन पर महिलाओं को निशाना बनाकर धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है. वहीं अब बलरामपुर के उतरौला इलाके में बाबा की करोड़ों रुपए की कोठी और सहयोगियों के अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं, बता दें कि प्रशासन ने इन्हें पहले नोटिस भेजा था. प्रारंभिक जांच में छांगुर बाबा के नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियां ₹100 करोड़ से ज़्यादा की आंकी गई हैं.