भारत विविध परंपराओं और आस्थाओं का देश है, जहां देवी-देवताओं, संत-महात्माओं और कई पौराणिक प्रतीकों की पूजा होती है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा मंदिर देखा है जहां भगवान नहीं, बल्कि एक मोटरसाइकिल की पूजा होती हो? राजस्थान में एक ऐसा ही
मंदिर है जिसे लोग 'बुलेट बाबा मंदिर' के नाम से जानते हैं। यहां लोग रोजाना एक रॉयल एनफील्ड बुलेट की पूजा करते हैं और उसे मन्नतों का प्रतीक मानते हैं। यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और मानते हैं कि इस बाइक
की आत्मा अब राहगीरों की रक्षा करती है....
कहां
है ये बुलेट बाबा
मंदिर?
राजस्थान के पाली-जोधपुर हाईवे पर चोटिला गांव के पास एक पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर ‘बुलेट बाबा’ का यह अनोखा मंदिर स्थित है। यह स्थान जोधपुर से करीब 58 किलोमीटर दूर है। यहां रोजाना स्थानीय लोग और राहगीर रुकते हैं, पूजा करते हैं और मन्नत मांगते हैं।
कौन
थे ओम सिंह राठौर?
इस मंदिर की कहानी 1991 से शुरू होती है, जब ओम सिंह राठौर नामक युवक की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस उनकी बुलेट बाइक को थाने ले गई, लेकिन बाइक बार-बार रहस्यमयी ढंग से दुर्घटना स्थल पर लौट आती थी। बाद में लोगों ने इस स्थान पर मंदिर बनवा दिया और बाइक को वहीं स्थापित कर पूजा शुरू कर दी।
बुलेट
अपने आप स्टार्ट हो
जाती थी!
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब पुलिस ने बाइक को जंजीर से बांध दिया तो भी बाइक खुद-ब-खुद स्टार्ट हो गई थी। इस चमत्कार को देखकर लोगों ने मान लिया कि ओम सिंह की आत्मा अब इस बाइक में है और वह राहगीरों की रक्षा करती है।
अब बढ़ती जा रही है
मान्यता
आज यह मंदिर सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहा। राजस्थान के दूर-दराज इलाकों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां आते हैं। श्रद्धालु बुलेट पर लाल धागा बांधकर मन्नतें मांगते हैं और इसे पूरा होने पर फिर लौटकर धन्यवाद देने आते हैं।