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Bullet Train: भारत का पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अब हकीकत बनने के करीब है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐलान किया है कि मुंबई से अहमदाबाद तक हाई-स्पीड ट्रेन सेवा अगस्त 2027 से शुरू हो जाएगी। कुल 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। ट्रेन महज 2 घंटे 7 मिनट में सफर पूरा करेगी और इसकी ऑपरेशनल स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
आधुनिक डिजाइन और पर्यावरण अनुकूल स्टेशन
इस परियोजना में 25 बड़े पुल बनाए गए हैं, जिनमें से 21 गुजरात और 4 महाराष्ट्र में हैं। खास बात यह है कि सभी स्टेशन स्थानीय संस्कृति को दर्शाते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। वेटिंग एरिया, बैठने की व्यवस्था और ऊर्जा-बचत तकनीक पर विशेष ध्यान दिया गया है। रेलवे का दावा है कि ये स्टेशन देश में रेल यात्रा के नए मानक तय करेंगे। वडोदरा में विश्वामित्री नदी पर बना 80 मीटर लंबा पुल इस परियोजना की इंजीनियरिंग क्षमता का बड़ा उदाहरण है।
जापानी तकनीक और खासियत
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित है। इसमें E-5 शिंकानसेन हायाबूसा मॉडल का उपयोग किया गया है, जिसे 2011 में विकसित किया गया था। ट्रेन का अगला हिस्सा 15 मीटर लंबा एयरोडायनामिक डिज़ाइन लिए है, जिससे हवा का दबाव कम होता है और सफर बेहद स्मूथ रहता है। हल्की एल्यूमीनियम मिश्र धातु से बने 10 कोच वाली यह ट्रेन शोर और कंपन रहित है। इमरजेंसी की स्थिति में यह ट्रेन बिना झटके के रुकने की क्षमता भी रखती है। यह प्रोजेक्ट न केवल तेज यात्रा का वादा करता है, बल्कि भारत के रेल नेटवर्क को तकनीकी रूप से नई ऊंचाई देगा।