
Bullet Train: भारत की राजधानी दिल्ली अब एक नई रफ्तार की ओर बढ़ रही है। दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (DVHSR) देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में से एक है, जो दिल्ली को उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी से जोड़ेगी। यह 840 किलोमीटर का सफर, जो अभी ट्रेन या बस से 12-14 घंटे लेता है और फ्लाइट के महंगे किराए से हर किसी की पहुंच से बाहर है, अब मात्र 3.5 घंटे में पूरा होगा। खास बात यह है कि दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से शुरू होने वाली इस बुलेट ट्रेन के रास्ते में कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें से दो स्टेशन गौतमबुद्धनगर जिले में – नोएडा सेक्टर 146 और जेवर एयरपोर्ट – दिल्ली के नजदीकी क्षेत्रों को नई कनेक्टिविटी और विकास की सौगात देंगे।
12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी
राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, यह ट्रेन 320-350 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, और जापानी तकनीक पर आधारित 10 कोच वाली होगी। दिल्ली से वाराणसी तक का किराया फर्स्ट क्लास AC से 1.5 गुना अधिक होगा, लेकिन फ्लाइट से सस्ता और तेज होगा। आपको बता दें कि दिल्ली से वाराणसी तक यह बुलेट ट्रेन 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। यह बुलेट ट्रेन हजरत निजामुद्दीन दिल्ली से चलकर नोएडा सेक्टर 146, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, भदोही होते हुए वाराणसी पहुंचेगी।
दिल्ली के नजदीक दो अहम स्टेशन
गौतमबुद्धनगर जिला इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां दो स्टेशन बनाए जाएंगे। नोएडा सेक्टर 146 (या 148): यह स्टेशन दिल्ली से केवल 21 मिनट की दूरी पर होगा। नोएडा, जो पहले से ही मेट्रो और RRTS (रैपिड रेल) से जुड़ा है, अब बुलेट ट्रेन के साथ और बेहतर कनेक्टिविटी हासिल करेगा। वहीं, दूसरा स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के निकट बनेगा, जो व्यावसायिक उड़ानों के लिए शुरू होने जा रहा है। यह स्टेशन एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से एकीकृत होगा, जिससे एक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनेगा। हवाई यात्रा और बुलेट ट्रेन का यह संगम पर्यटकों और व्यापारियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
प्रोजेक्ट की प्रगति
2022 में रेलवे बोर्ड ने रूट की फीजिबिलिटी रिपोर्ट रिजेक्ट की थी, क्योंकि कर्व्स 350 किमी/घंटा की गति के लिए सुरक्षित नहीं थे। लेकिन अब NHSRCL ने नया रूट डिजाइन किया है, जो एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। 2025 अपडेट्स के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो रही है और प्रोजेक्ट 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की कि मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के बाद दिल्ली-वाराणसी पर काम तेज होगा।