टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में मुंबई के वानखेड़े मैदान पर जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 254 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी शानदार बल्लेबाजी की और मैच आखिरी ओवरों तक पहुंच गया। उस समय इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 18 गेंदों में 45 रन चाहिए थे और पांच विकेट भी बाकी थे। ऐसे में मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था।
मैदान पर बढ़ता दबाव
इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल उस समय 94 रन बनाकर खेल रहे थे और तेजी से रन बना रहे थे। स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक को लग रहा था कि मैच किसी भी दिशा में जा सकता है। भारतीय टीम के लिए यह बेहद अहम पल था। तभी कप्तान ने गेंद जसप्रीत बुमराह को थमाई, जो डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
बुमराह का कसा हुआ ओवर
बुमराह ने अपने ओवर की शुरुआत सटीक यॉर्कर गेंदों से की। पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना और दबाव बढ़ गया। अगली गेंद पर बल्लेबाज सिर्फ एक रन ही ले सके। इसके बाद बेथेल भी बड़ा शॉट नहीं खेल पाए और उन्हें भी सिर्फ एक रन मिला। पूरी तरह सटीक लाइन और लेंथ के साथ बुमराह ने बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका ही नहीं दिया।
सिर्फ 6 रन से बढ़ गया दबाव
पूरा ओवर खत्म होने तक इंग्लैंड सिर्फ 6 रन ही बना सका। भले ही इस ओवर में कोई विकेट नहीं गिरा, लेकिन यही ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया। अचानक इंग्लैंड पर दबाव बढ़ गया और रन गति धीमी पड़ गई। स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी बुमराह की शानदार गेंदबाजी पर जोरदार तालियां बजाने लगे।
इसे भी पढ़ें : T20 World Cup में Varun को मौका और Kuldeep बेंच पर क्यों, आंकड़ों ने खोली सच्चाई, रिकॉर्ड देखकर उठ रहे टीम चयन पर सवाल
शुरुआत में भी दिलाया बड़ा झटका
इस मुकाबले में बुमराह ने सिर्फ डेथ ओवर में ही नहीं बल्कि शुरुआत में भी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को चालाक गेंद पर आउट कर दिया। यह विकेट बेहद अहम था क्योंकि ब्रूक अच्छी फॉर्म में थे और उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी।
बुमराह बने जीत के असली हीरो
मैच खत्म होने के बाद संजू सैमसन को शानदार बल्लेबाजी के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। लेकिन सैमसन ने साफ कहा कि असली हीरो जसप्रीत बुमराह हैं। उन्होंने बताया कि अगर बुमराह ने डेथ ओवरों में इतनी शानदार गेंदबाजी नहीं की होती तो भारत के लिए यह मैच जीतना मुश्किल हो सकता था। इस मुकाबले में बुमराह ने साबित कर दिया कि एक शानदार गेंदबाज अकेले भी मैच का रुख बदल सकता है।