केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को सात बड़े फैसले लिए गए। इनमें देश में सेमीकंडक्टर बनाने की ताकत बढ़ाने से लेकर वाराणसी को जाम से राहत दिलाने तक की बड़ी योजनाएं शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही मोबाइल क्षेत्र से जुड़ी 62 हजार 500 करोड़ रुपये की योजना को भी हरी झंडी दी गई है। सरकार का जोर देश में नई तकनीक और बड़े रास्तों का जाल मजबूत करने पर है।
सेमीकंडक्टर के लिए 1.27 लाख करोड़ मंजूर
सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 1 लाख 27 हजार 500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार चाहती है कि मोबाइल कंप्यूटर गाड़ी और दूसरे बिजली से चलने वाले सामान में इस्तेमाल होने वाली चिप भारत में ही ज्यादा से ज्यादा बनाई जाए। अभी दुनिया के कुछ देशों का इस क्षेत्र में दबदबा है। नई योजना के जरिए भारत में चिप बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देने और नई तकनीक तैयार करने पर जोर रहेगा।
भारत में ही तैयार होंगी ज्यादा चिप
सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण में सिर्फ चिप बनाने पर ही ध्यान नहीं रहेगा बल्कि चिप का नक्शा तैयार करने से लेकर उसे बनाने तक की पूरी व्यवस्था देश में मजबूत की जाएगी। सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया के बड़े सेमीकंडक्टर देशों में शामिल करना है। इससे विदेशी कंपनियों के भारत आने की उम्मीद भी बढ़ेगी। साथ ही देश में नई नौकरियों के मौके बन सकते हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में सेमीकंडक्टर की मांग तेजी से बढ़ेगी इसलिए भारत को अभी से अपनी तैयारी मजबूत करनी होगी।
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वाराणसी को मिलेंगे दो बड़े हवाई रास्ते
कैबिनेट ने वाराणसी में जाम की परेशानी कम करने के लिए दो बड़े ऊपर से गुजरने वाले रास्तों को मंजूरी दी है। इनमें वरुणा नदी के किनारे करीब 43 किलोमीटर लंबा छह और चार लेन का रास्ता बनाया जाएगा। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस योजना पर करीब 10 हजार 998 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का दावा है कि नया रास्ता बनने से शहर के अंदर गाड़ियों का दबाव कम होगा और लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
काशी में जाम से मिलेगी बड़ी राहत
वाराणसी में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इसके कारण शहर के कई रास्तों पर लंबा जाम लग जाता है। नए रास्तों के बनने से बाहर से आने वाली गाड़ियों को शहर के भीड़ वाले इलाकों से गुजरने की जरूरत कम पड़ेगी। वरुणा नदी के किनारे बनने वाले रास्ते में गाड़ियों के चढ़ने और उतरने के लिए अलग रास्ते भी बनाए जाएंगे। इससे वाराणसी रेलवे स्टेशन और शहर के दूसरे बड़े इलाकों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
नई तकनीक और बेहतर रास्तों पर सरकार का जोर
कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि सरकार एक तरफ देश में चिप बनाने की ताकत बढ़ाना चाहती है तो दूसरी तरफ बड़े शहरों में रास्तों की परेशानी कम करने पर भी पैसा खर्च कर रही है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी और वाराणसी के दो बड़े रास्तों को हरी झंडी इसी तैयारी का हिस्सा है। इन योजनाओं के जमीन पर उतरने के बाद नई नौकरियों के मौके बढ़ने और वाराणसी में सफर आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है।