
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने बुधवार को बिहार को बड़ी सौगात दी। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 139डब्ल्यू के 4-लेन के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया सेगमेंट के निर्माण को मंजूरी मिली है। इस परियोजना की कुल लंबाई 78.942 किलोमीटर होने वाली है। इस पर 3,822.31 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। एक बयान में कहा गया कि इस प्रस्तावित चार-लेन ग्रीनफील्ड परियोजना को लक्ष्य राज्य की राजधानी पटना और बेतिया के बीच संपर्क को बेहतर करना है। इससे उत्तर बिहार के वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिले, भारत-नेपाल सीमा से क्षेत्रों को जोड़ा जा सकेगा।
परिवहन की आवाजाही को आसान बनाएगी
यह परियोजना लंबी दूरी के माल परिवहन की आवाजाही को आसान बनाएगी। इससे कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों और सीमा पार व्यापार मार्गों से संपर्क में सुधार आएगा। क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुगम होगा। यह परियोजना सात पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, छह सामाजिक नोड्स, आठ लॉजिस्टिक नोड्स, नौ प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्रों को जोड़ने वाली है। इसमें केसरिया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर और विश्व शांति स्तूप (वैशाली) और महावीर मंदिर (पटना) समेत खास विरासत और बौद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
यह एनएच-31, एनएच-722, एनएच-727, एनएच-27 और एनएच-227ए के लिए एक अहम संपर्क के रूप में काम करने वाला है। इसे 100 किमी/घंटा की डिजाइन गति के लिए बनाया गया है। इससे साहेबगंज और बेतिया के बीच कुल यात्रा समय, मौजूदा विकल्पों की तुलना में 2.5 घंटे से घटकर 1 घंटे हो जाएगा। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों के लिए सुरक्षित सफो र होगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़वा मिलेगा।