राजधानी भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। बैठक में जहां नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को 2026-27 तक जारी रखने का फैसला लिया गया, वहीं 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कर विकास कार्यों को नई रफ्तार देने पर सहमति बनी। इसके अलावा परिवहन उप निरीक्षक पद के चयनित उम्मीदवारों के लिए नई शर्तें भी मंजूर हुईं।
नगरीय अधोसंरचना योजना को बढ़ाया गया, 500 करोड़ की स्वीकृति
कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों के लिए चल रही अधोसंरचनात्मक निर्माण योजना को दो वर्ष बढ़ाते हुए 2026-27 तक जारी रखने का निर्णय हुआ। इस योजना के तहत पहले से 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 325 पूरी हो चुकी हैं, 407 पर काम चल रहा है जबकि 330 परियोजनाएं डीपीआर और निविदा प्रक्रिया में हैं।
इस विस्तार के साथ सरकार ने अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है ताकि पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क निर्माण, नालियां, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन और खेल मैदान जैसी सुविधाओं को और बेहतर किया जा सके।
ग्रामीण संपर्कता के अधूरे कार्यों को मिलेगी गति
बैठक में ग्रामीण संपर्कता से जुड़ी परियोजनाओं पर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने के लिए पहले से स्वीकृत राशि 12.32 करोड़ रुपये के अलावा 9.45 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है। इससे गांवों में सड़क और मूलभूत सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी।
परिवहन उप निरीक्षक पद पर नई शर्तों के साथ नियुक्ति
राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को सरकार ने सशर्त नियुक्ति देने का फैसला लिया है।
नई शर्तों के तहत उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में
एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा
वैध ड्राइविंग लाइसेंस
प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
यदि कोई उम्मीदवार यह दस्तावेज समय पर नहीं देता, तो उसकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी।