Weight Loss Drug: मोटापा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, हालांकि फॉर्मा कंपनियां मोटापे से छुटकारा पाने के लिए नई-नई दवाओं को मार्केट में ला रही हैं। बता दें कि भारतीय बाजार में फिलहाल वजन कम करने और डायबिटीज को मैनेज करने के लिए 2 दवाइयां हैं। पहली अमेरिकी दवा कंपनी एली लिली द्वारा लांच की गई मौनजारो (टिर्जेपेटाइड) है। वहीं, दूसरी डेनमार्क की फॉर्मा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क द्वारा लांच की गई वेगोवी है। इन दोनों ही दवाओं का रिजल्ट अच्छा रहा है। इन दवाओं से अधिक वजन वाले लोगों को वजन घटाने में मदद मिली है।
इस दवा से बदल सकती है मोटापे की स्थिति
मोटापा अब केवल एक कॉस्मेटिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक चिकित्सा स्थिति है जिसके गंभीर परिणाम होते हैं, खासकर पीसीओएस, बांझपन और रजोनिवृत्ति के बाद के स्वास्थ्य जोखिमों से जूझ रही महिलाओं के लिए। लेकिन डॉक्टर्स का मानना है कि अब इस दवा से मोटापे की स्थिति बदल सकती है। इस दवा से पीसीओएस, बांझपन और मेनोपॉज जैसी परेशानियों से जूझ रही महिलाओं को काफी राहत मिल सकती है। बता दें कि महिलाओं का अनियमित मासिक धर्म, मुंहासे, चेहरे पर बाल और वजन बढ़ने की समस्या पीसीओएस के लक्षण होते हैं।
3 में से 1 महिला ग्रस्त
बता दें कि भारत में लगभग 3 में से 1 महिला मोटापे से ग्रस्त है। मोटापा सिर्फ दिखावे की बात नहीं है, बल्कि Adiposity Based Chronic Disease (ABCD) है, जो कि मोटापे से जुड़ी एक बीमारी है। इनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, बांझपन, स्लीप एपनिया, गठिया और यहां तक कि ब्रेस्ट और गर्भाशय के कुछ कैंसर जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी शामिल हैं।
दवा का प्रयोग डॉक्टर की देखरेख में करे
डॉक्टर का कहना है कि सेमाग्लूटाइड (वेगोवी) जैसी दवाएं मैजिकल ट्रीटमेंट नहीं हैं लेकिन ये वजन कम करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि इन दवाइयों का प्रयोग पूरी सावधानी और डॉक्टर की देखरेख में करना चाहिए।