कनाडा और नीदरलैंड्स के बीच 16 जून को टोरंटो के किंग सिटी में खेला जा रहा वनडे मुकाबला अचानक रद्द कर दिया गया। यह मैच ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 का हिस्सा था, जो 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। लेकिन मैच शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद पिच ने ऐसा रूप दिखाया कि अधिकारियों को खेल रोकना पड़ा।
सिर्फ 25 गेंदों का खेल
नीदरलैंड्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी। मैच की शुरुआत होते ही दूसरे ओवर में टीम को पहला झटका लगा और मैक्स ओ'डाउड बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैसे-जैसे गेंदबाजी आगे बढ़ी, पिच पर गेंद का व्यवहार असामान्य नजर आने लगा। केवल 25 गेंदें फेंकी गईं और मैच 4.1 ओवर तक ही पहुंच सका।
अनइवन बाउंस बना बड़ा खतरा
मैदान पर मौजूद अंपायरों और मैच रेफरी ने देखा कि पिच से गेंद कभी बहुत नीचे रह रही थी तो कभी अचानक उछल रही थी। इस अनइवन बाउंस की वजह से बल्लेबाजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए। अधिकारियों को लगा कि अगर खेल जारी रखा गया तो खिलाड़ियों को गंभीर चोट लग सकती है। इसी कारण मुकाबला तुरंत रोक दिया गया।
मैच रेफरी ने बताई वजह
मैच रेफरी फिल थॉम्पसन ने कहा कि पिच अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले के लिए उपयुक्त नहीं थी। उन्होंने बताया कि दोनों टीमों के कप्तानों ने भी पिच की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। निरीक्षण के बाद यह साफ हो गया कि पिच खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए नियमों के तहत मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया।
पहले भी उठ चुके थे सवाल
दिलचस्प बात यह है कि यह वही पिच थी जिस पर 8 जून को अमेरिका और नीदरलैंड्स के बीच मुकाबला खेला गया था। उस मैच के बाद भी पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। मैच अधिकारियों ने तब इसे खराब माना था और एक डिमेरिट अंक भी दिया गया था। इसके बावजूद उसी पिच पर दोबारा मैच आयोजित किया गया।
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ICC के सामने बढ़े सवाल
इस घटना के बाद टूर्नामेंट के आयोजन और पिच तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व कप क्वालिफिकेशन जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में इस तरह की पिचें खेल की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुरक्षा दोनों के लिए नुकसानदायक हैं। अब सभी की नजर ICC के अगले कदम पर है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।