NEET UG Paper Cancelled: बीते रविवार तीन मई को हुई नीट परीक्षा रद्द होने से इस परीक्षा को दिन रात की मेहनत और काफी तैयारियों के साथ देने वाले युवा निराश हैं। हालांकि एनएटी ने यह जरूर कहा है कि परीक्षार्थियों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। परीक्ष दोबारा करवायी जाएगी जिसकी तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।
बता दें कि एनटीए साल में एक बार एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस समेत अलग-अलग अंडरग्रुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट नीट करवाता है।
लाखों परीक्षार्थियों ने दी थी परीक्षा
उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न जिलों में लाखों परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी थी। संगम नगरी प्रयागराज में 43 परीक्षा केंद्रों पर हुइ्र. इस परीक्षा में कुल 20 हजार 638 परीक्षार्थी शामिल हु थे।देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में से एक नीट यूजी 2026 में इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने भाग लिया. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पूरे देश से रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों में से लगभग 41 प्रतिशत केवल चार राज्यों से थे. जिनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार शामिल हैं। इस साल नीट यूजी के लिए कुल 22.7 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 22 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देने पहुंचे। यानी देशभर में उपस्थिति दर 96.9 प्रतिशत रही, जो इतनी बड़ी परीक्षा के लिए बेहद मजबूत मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा
हर साल की तरह इस बार भी उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा था। राज्य से करीब 3.6 लाख छात्रों को परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए। यह संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा थी। इससे साफ है कि यूपी में मेडिकल की पढ़ाई को लेकर युवाओं में कितना उत्साह रहता है। महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर रहा था जहां से लगभग 2.2 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। राजस्थान में करीब दो लाख और बिहार में लगभग डेढ लाख छात्र परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बने. इन चार राज्यों की कुल संख्या ही देश के कुल उम्मीदवारों का बड़ा हिस्सा बन गई।
नीट की प्रोविजनल आंसर-की भी जारी कर दी थी
इन चार राज्यों के अलावा भी कई बड़े राज्यों से भारी संख्या में छात्र सामने आए. कर्नाटक और बिहार दोनों ने 1.5 लाख से ज्यादा उम्मीदवार दिए. तमिलनाडु से करीब 1.4 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। देश में कुल 551 शहर और विदेश में 14 शहरों में यह परीक्षा दी थी। जिसके बाद तीन दिनों के भीतर ही एनटीए ने नीट की प्रोविजनल आंसर-की भी जारी कर दी। इसके बाद नीट पेपर लीक के मामले सामने आने लगे। परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर बिकने की आंशका के बीच नीट का पेपर करवाने वाली एजेंसी एनटीए ने यह बड़ा फैसला लिया है।
एनटीए ने जारी की हेल्पलाइन
नीट परीक्षा के लिए फिर से परीक्षार्थियों को रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं है। स्टूडेंट्स के आवेदन और अन्य डिटेल्स वहीं रहेंगी। इसके लिए छात्रों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। परीक्षा की तारीखें और एडमिट कार्ड सं संबंधित सभी डिटेल्स एनटीए अपनी आधिकारिक वेबासइट पर ही जारी करेगा। छात्र सोशल मीडिया और अन्य किसी भी माध्यम पर भरोसा ना करें। अगर स्टूडेंट्स या पेरेंस को किसी भी तरह की जानकारी चाहिए तो वो एनटीए के हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 / 011-69227700 और ईमेल आईडी [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।