राजा कलंदर, एक ऐसा नाम जिसके पीछे इंसानियत को शर्मसार करने वाली सच्चाई छिपी है. यह कोई फिल्मी खलनायक नहीं, बल्कि असल जिंदगी का ऐसा कातिल है जो इंसानों की खोपड़ी काटता, उनका भेजा निकालकर सूप बनाता और पी जाता था. 25 साल बाद, कानून ने इस हैवान को उसकी सजा सुनाने का वक्त तय कर दिया है.
नरभक्षण और जघन्य अपराधों का खुलासा
राजा कलंदर नैनी के सीओडी में नौकरी करता था. उसकी दरिंदगी तब सामने आई जब पुलिस ने उसके फार्महाउस से 14 इंसानों की खोपड़ियां बरामद कीं. वह इन खोपड़ियों को तंत्र-मंत्र से जोड़ता था. 24 जनवरी 2000 को उसने और उसके साले वच्छराज कोल ने मनोज कुमार और उनके ड्राइवर रवि श्रीवास्तव का अपहरण कर हत्या कर दी. राजा कलंदर ने कबूल किया कि वह सिर काटकर इंसानों का मांस खाता था और उनका मस्तिष्क निकाल सूप बनाता था. उस पर पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या का भी आरोप सिद्ध हुआ.
25 साल बाद इंसाफ की घड़ी
2001 में चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन कानूनी प्रक्रियाओं के चलते सुनवाई 2013 में शुरू हुई. अब 2025 में अदालत ने राजा कलंदर और वच्छराज को डबल मर्डर केस में दोषी ठहराया है. सरकारी वकील ने 12 गवाहों की गवाही और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर अपहरण, लूट और हत्या की योजना को साबित किया. अदालत ने सोमवार को दोनों दोषियों को सजा के योग्य पाया है. शुक्रवार को उन्हें कितनी सजा मिलेगी, इसका ऐलान किया जाएगा. 25 साल बाद आखिरकार इंसाफ की यह कहानी अपने अंतिम पड़ाव पर है.