Captain Babban Ram Medals : कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो उम्र भी रास्ता नहीं रोक सकती। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवानिवृत्त सेना कैप्टन बब्बन राम ने इसे सच कर दिखाया है। 65 साल से अधिक उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में दो पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि से गांव से लेकर पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। उनका प्रदर्शन उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो उम्र बढ़ने के साथ अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं।
तमिलनाडु की चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन
कैप्टन बब्बन राम ने तमिलनाडु में आयोजित पांचवीं वेटरंस स्पोर्ट्स एंड गेम्स नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में अपनी चुनौती पेश की। राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए। उनकी मेहनत और खेल के प्रति लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
100 मीटर बाधा दौड़ में जीता कांस्य
गाजीपुर के रामपुर उर्फ साधोपुर गांव के निवासी बब्बन राम ने 100 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में खिलाड़ियों को निर्धारित दूरी पर बाधाओं को पार करते हुए दौड़ पूरी करनी होती है। 65 वर्ष से अधिक उम्र में इस चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता में पदक जीतना उनकी फिटनेस और नियमित अभ्यास को दर्शाता है। उनके इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में उनकी प्रतिभा को सामने रखा।
रिले दौड़ में भी हासिल किया रजत पदक
बब्बन राम की सफलता यहीं नहीं रुकी। उन्होंने 4×400 मीटर रिले दौड़ में भी हिस्सा लिया और रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में चार खिलाड़ियों की टीम बारी-बारी से दौड़ती है और निर्धारित दूरी पूरी करती है। दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन उनका प्रदर्शन खास चर्चा में रहा।
सेना के अनुशासन ने बनाया मजबूत
कैप्टन बब्बन राम सेना से सेवानिवृत्त हैं। सेना में सेवा के दौरान अनुशासन, नियमित अभ्यास और शारीरिक चुस्ती उनके जीवन का हिस्सा रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सक्रिय जीवनशैली बनाए रखी और खेल के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया। उनकी सफलता के पीछे लगातार मेहनत और खुद को फिट रखने की आदत अहम मानी जा रही है।
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युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणा
कैप्टन बब्बन राम की उपलब्धि बताती है कि खेल के प्रति लगन और नियमित अभ्यास से उम्र के किसी भी पड़ाव पर नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनका प्रदर्शन युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को भी अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहने का संदेश देता है। गाजीपुर के इस खिलाड़ी ने दो राष्ट्रीय पदक जीतकर साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने की कोई तय उम्र नहीं होती।