Captain Sonia Singh Chauhan : 15 अगस्त 2026 को देशभर की नजरें दिल्ली के लाल किले पर टिकी थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उनके साथ एक महिला सैन्य अधिकारी भी नजर आईं, जिन्होंने ध्वजारोहण में प्रधानमंत्री की मदद की। कैमरों का ध्यान जैसे ही उनकी ओर गया, सोशल मीडिया पर लोग उनके बारे में जानने लगे। उनका नाम है कैप्टन सोनिया सिंह चौहान।
कौन हैं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान?
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना की कमिशन्ड अधिकारी हैं। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें एक खास औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी के अनुसार, लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहे थे, तब कैप्टन सोनिया ने उनकी सहायता की। हालांकि, उनकी निजी जिंदगी, गृह राज्य, रेजिमेंट या सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारियों को सच मानने से बचना जरूरी है।
ध्वजारोहण के समय निभाई अहम जिम्मेदारी
लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह सामान्य कार्यक्रम नहीं होता। यहां हर गतिविधि तय सैन्य प्रोटोकॉल के अनुसार होती है। ध्वजारोहण से लेकर सलामी और 21 तोपों की सलामी तक हर कदम पहले से निर्धारित होता है। इसी कार्यक्रम में कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री के साथ ध्वजारोहण की प्रक्रिया में सहायता करना थी। राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के साथ 1721 फील्ड बैटरी ने स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी।
सोशल मीडिया पर क्यों छा गईं?
समारोह की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही कैप्टन सोनिया सिंह चौहान लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गईं। लाल किले जैसे ऐतिहासिक मंच पर प्रधानमंत्री के साथ उनकी मौजूदगी ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा। उनकी सादगी, अनुशासन और आत्मविश्वास भरी उपस्थिति को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। उनकी भूमिका यह भी दिखाती है कि देश के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समारोहों में महिला सैन्य अधिकारियों की जिम्मेदारियां और भागीदारी लगातार दिखाई दे रही है।
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‘वंदे मातरम्’ से भी खास रहा समारोह
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक और बड़ी खासियत रही। ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के अवसर पर इसे लाल किले के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहली बार प्रस्तुत किया गया। इस ऐतिहासिक पल ने पूरे समारोह को और खास बना दिया। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की भूमिका भले ही समारोह के कुछ खास पलों तक सीमित रही हो, लेकिन उनकी तस्वीरें अब स्वतंत्रता दिवस की यादगार तस्वीरों में शामिल हो गई हैं। लाल किले पर तिरंगे के साथ उनकी मौजूदगी ने देश की बेटियों और महिला सैन्य अधिकारियों की बढ़ती भूमिका की ओर भी लोगों का ध्यान खींचा है।