मेरठ। कार से सामान लेकर लौट रहे दो दोस्तों की मंगलौर नहर में कार के गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मंगलौर की पुलिस ने क्रेन की मदद के कार को बाहर निकाला। दोनों ने सीट बेल्ट बांध रखी थी, जिसके कारण वह अपना बचाव नहीं कर पाए। दोनों युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। जानी थाना क्षेत्र के कुराली गांव निवासी सौरभ व आयुष पक्के दोस्त थे। आयुष मेडिकल कंपनी में काम करते थे, जबकि सौरभ एमबीए कर रहे थे। शनिवार को आयुष सौरभ के साथ कार से रुड़की से अपना सामान लेने के लिए गए थे।
शनिवार की देर रात लौटते समय मंगलौर नहर की पटरी पर सामने से आ रही गाड़ी की तेज लाइट के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। राहगीरों व आसपास के लोगों ने इसकी सूचना मंगलौर थाने की पुलिस को दी। रात में ही पुलिस क्रेन लेकर पहुंची और गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकाला। दोनों युवक सीट बेल्ट बांध रखी थी। इसी के चलते उनकी पानी में डूबने के कारण ही मौत हो गई। कार से मिले दस्तावेज के आधार पर पुलिस ने रात में ही दोनों दोस्तों के परिजनों को सूचना दे दी थी। परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार सुबह गांव के लोगों को घटना के बारे में पता चला तो गांव में मातम छा गया और ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे। दोनों युवकों की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
सौरभ की रात साढ़े दस बजे आखिरी बार बात हुई थी
सौरभ के बड़े भाई विवेक ने बताया, सौरभ शर्मा अपने दोस्त आयुष शर्मा के साथ शनिवार दोपहर दो बजे मेरठ से रुड़की से सामान लेने के लिए निकले थे। रात को 10.30 बजे सौरभ से आखिरीबार बात हुई थी। सौरभ ने बताया था कि वह रात में ही गांव आ जाएंगे। देर रात मंगलौर पुलिस ने मोबाइल पर सूचना दी थी कि एक कार के अंदर से दो युवकों के शव मिले है। सौरभ एमआईटी से एमबीए सेकंड ईयर कर रहे थे। शनिवार दोपहर ये लोग दोपहर 2 बजे मेरठ से निकले थे। रात हमारी बात हुई। इसके बाद सीधे हमारे पास पुलिस का फोन आया।
शाम को गांव में शव पहुंचते ही मचा कोहराम
रविवार शाम दोनों दोस्तों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों के सब्र टूट गया और वह शवों से लिपटकर दहाड़े मार-मारकर रोने लगे। दोनों के शवों की अंतिम यात्रा गांव में एक साथ निकली तो ग्रामीणों की आंखे नम हो गई। दोनों दोस्तों की अंतिम यात्रा में सैंकड़ों लोग शामिल हुए। गांव में स्थित श्मशान घाट में गमगीन माहौल में दोनों के शव का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों दोस्तों की मौत के कारण पूरे गांव में मातम छाया रहा और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।