ओमान के तट के पास गुरुवार को एक मालवाहक जहाज को किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। इस हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है। यह जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) की ओर से दी गई। यूकेएमटीओ ने बताया कि उसे सूचना मिली थी कि ओमान के डाहित क्षेत्र से लगभग 7.5 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में एक मालवाहक जहाज के दाहिने हिस्से पर हमला हुआ। जहाज के कप्तान ने बताया कि चालक दल का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ है। यूकेएमटीओ के अनुसार, संबंधित अधिकारी इस हमले की जांच कर रहे हैं। साथ ही, इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है।
जहाजों की आवाजाही खतरनाक और प्रतिबंधित
इससे पहले गुरुवार को, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए केवल वही मार्ग अधिकृत हैं, जिन्हें ईरानी अधिकारियों ने घोषित किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी की आधिकारिक समाचार इकाई सेपाह न्यूज में जारी बयान में कहा गया कि अन्य मार्गों से जहाजों की आवाजाही खतरनाक और प्रतिबंधित है। बयान में कहा गया, "सभी को यह पता होना चाहिए कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए केवल ईरान की ओर से घोषित मार्ग ही मान्य हैं। इन मार्गों के बाहर यातायात बहुत खतरनाक है और इसकी अनुमति नहीं है, इसलिए इससे पूरी तरह बचना चाहिए।"
ओमान ने एक नया सुरक्षा गलियारा शुरू किया
यह घटना ऐसे समय हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास समुद्री यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) और ओमान ने एक नया सुरक्षा गलियारा (सेफ्टी कॉरिडोर) शुरू किया है, जिसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से फंसे हुए जहाजों और नाविकों को सुरक्षित रूप से गुजरने में मदद करना है।
'संयुक्त कार्य समूह' बनाने पर सहमति
मंगलवार को ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन (नेविगेशन) के भविष्य के प्रबंधन पर बातचीत के लिए एक 'संयुक्त कार्य समूह' बनाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इस जलमार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।