
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में छह साल पुराना जबरन धर्म परिवर्तन का मामला एक बार फिर सामने आया है. एक युवती के अपहरण और धर्म परिवर्तन को लेकर परिजनों ने एसएसपी ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस ने बदर अख्तर सिद्दीकी और उसके पिता महमूद अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया. साथ ही उस वक्त के थाना प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी को सस्पेंड कर दिया गया.
कैसे हुआ पूरा मामला शुरू?
परिजनों के मुताबिक, 2009 में युवती की बदर अख्तर से एक कॉल सेंटर में काम के दौरान मुलाकात हुई थी. बदर लगातार उस पर दबाव बनाता रहा. एलआईसी एजेंट महमूद अख्तर (बदर के पिता) ने बीमा कराने के बहाने युवती के दस्तावेज लिए और फिर बदर से संपर्क शुरू हुआ.
2019 में मारपीट और धमकी
2019 में युवती ने अपनी मां को बताया कि बदर उसे जबरन अपने पास रखे हुए है, मारता-पीटता है और जान से मारने की धमकी देता है. उसने सिर पर बोतल से हमला करने की तस्वीर भी भेजी थी. इसके बाद कुछ लोग घर पहुंचकर फाइनेंस की किश्त न चुकाने की बात कहने लगे.
रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई
जब परिजन थाने गए तो तत्कालीन थाना प्रभारी अब्दुर रहमान ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की. अब 6 साल बाद इस मामले में FIR दर्ज हुई है. बदर और उसके पिता पर अपहरण, धर्म परिवर्तन, धमकी और मारपीट जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
बदर के खिलाफ पहले भी केस
बदर अख्तर पहले भी विवादों में रहा है. 2019 में सरूरपुर थाने में दो केस दर्ज हैं. वह बलरामपुर के छांगुर बाबा गिरोह से भी जुड़ा था और कई लड़कियों को फंसा चुका है. दिल्ली में भी एक युवती के शोषण का केस चल रहा है.
पुलिस की कार्रवाई तेज
SSP डॉ. विपिन ताडा के निर्देश पर दो टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं. बदर का पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. साथ ही इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है.