आफत का अलर्ट : उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी बढ़ा रही है। शनिवार, 26 सितंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इसी को देखते हुए कई जिलों में बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 21 में येलो चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को यूपी के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD ने बारिश के साथ आंधी, गरज और बिजली गिरने जैसी मौसमी गतिविधियों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन जिलों में स्कूलों पर भी असर
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कासगंज और एटा में 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। अलीगढ़ में भी प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर और प्रयागराज समेत कुछ अन्य जिलों में भी बारिश के चलते स्कूल बंद रहने की सूचना है।
27 सितंबर तक मौसम रहेगा सक्रिय
IMD के अनुसार 27 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश के दोनों मौसम उपखंडों में बारिश का असर बना रह सकता है। पूर्वी यूपी में भारी बारिश और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं। हालांकि 28 सितंबर के बाद प्रदेश के लिए इस समय कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं है, जिससे बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना बनती है।
जलभराव और बिजली गिरने से रहें सावधान
लगातार बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम में खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। खासकर गरज-चमक के दौरान पेड़, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को अपने जिले के प्रशासन या शिक्षा विभाग के ताजा आदेश की पुष्टि करने के बाद ही घर से निकलना चाहिए।