केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और एक शख्स विनोद कुमार को रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला 19 दिसंबर 2025 को विश्वसनीय स्रोत से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया था। यह मामला लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा से जुड़ा है। ये अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं निर्यात, रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय में डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली, सीओ 16 इन्फेंट्री डिविजन ऑर्डनेंस यूनिट (DOU), श्रीगंगानगर, राजस्थान और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। इनमें दुबई स्थित एक कंपनी भी शामिल है।
आरोप है कि इन सभी ने आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी जैसी गतिविधियों में भाग लिया है। सीबीआई के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर आरोप है कि वे विभिन्न रक्षा उत्पाद निर्माण एवं निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों से अवैध रूप से रिश्वत लेते थे।
तीन लाख रुपये की रिश्वत
आरोप है कि दुबई स्थित कंपनी के भारत संचालन को बेंगलुरु में राजीव यादव और रवजीत सिंह देख रहे थे। ये दोनों लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के नियमित संपर्क में थे और उनके साथ मिलकर अवैध तरीकों से अपने हित साधने में जुटे थे। इसी साजिश के तहत 18 दिसंबर 2025 को विनोद कुमार ने कंपनी के निर्देश पर तीन लाख रुपये की रिश्वत लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा को पहुंचाई।
23 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया
सीबीआई ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू और अन्य स्थानों पर छापेमारी की है। दिल्ली स्थित उनके घर से 3 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ 2 करोड़ 23 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। वहीं श्रीगंगानगर स्थित आवास से 10 लाख रुपये नकद और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। नई दिल्ली स्थित कार्यालय में तलाशी अब भी जारी है। दोनों आरोपियों-लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और विनोद कुमार-को आज अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 23 दिसंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।