
सीबीआई कोर्ट, गाजियाबाद के विशेष न्यायाधीश ने शनिवार को को बैंक धोखाधड़ी के केस में बैंक शाखा प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव को चार साल की कैद और 30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साल 2010 में मनोज श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एसएसआई शाखा नोएडा और अन्य के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया था।
ऋणदाता बैंक को काफी नुकसान हुआ
आरोपी मनोज श्रीवास्तव ने मई 2007 से जून 2009 की अवधि में शाखा, नोएडा में शाखा प्रबंधक के रूप में पदस्थ और कार्यरत रहते हुए। एक लोक सेवक के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। वहीं दूसरों के साथ आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होकर फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर लाभार्थियों को ऋण बांटे। इससे ऋणदाता बैंक को काफी नुकसान हुआ।
भारतीय पासपोर्ट जारी करने में मदद करता था
जांच में सामने आया कि साल 2012 में आरोपी मनोज श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एसएसआई शाखा नोएडा और अन्य खिलाफ आरोप पत्र तय किए गए थे। न्यायाधीश, सीबीआई भ्रष्टाचार निरोधक, गाजियाबाद ने शनिवार को आदेश दिया। इसके अनुसार, दोनों दोषी ठहराया और सजा सुनाई। एक अन्य मामले में ED कोलकाता ने 13 सितंबर को इंदुभूषण हलदर उर्फ दुलाल को गिरफ्तार किया है। वह एक बिचौलिया है जो बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भारतीय पासपोर्ट जारी करने में मदद करता था। यह केस आजाद हुसैन उर्फ आजाद मलिक हुसैन आजाद नाम के पाकिस्तानी नागरिक के मामले का है। इस मामले में स्पेशन कोर्ट ईडी को 5 दिन की कस्टडी दे दी है।