NEET Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई तेज हो गई है। नासिक से संदिग्ध शुभम खैरनार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। अब उसके संपर्क में रहे कई लोग भी जांच एजेंसी की नजर में आ गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नासिक में कुछ कोचिंग क्लास चलाने वालों से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है।
पेपर लीक में 'टेलीग्राम ऐप' का इस्तेमाल
सीबीआई की जांच में एक बड़ा डिजिटल एंगल भी सामने आया है। सीबीआई की जांच के अनुसार, प्रश्न-पत्र और उससे जुड़ी गुप्त जानकारियां साझा करने के लिए टेलीग्राम ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी अब इस बात की गहराई से तकनीकी जांच कर रही है कि यह डेटा किस तरह और किन-किन लोगों के बीच ट्रांसफर किया गया था।
नासिक में जांच कर रही CBI
सूत्रों के मुताबिक, CBI की एक टीम नासिक में बेहद गोपनीय तरीके से जांच को आगे बढ़ा रही है। एजेंसी हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है। शुभम खैरनार के दोस्तों और करीबियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में सामने आया है कि शुभम ने कथित तौर पर कुछ छात्रों को मेडिकल कोर्स में दाखिला दिलाने में मदद की थी। इसके चलते नासिक के कुछ कोचिंग सेंटरों के डायरेक्टर भी अब जांच के दायरे में आ गए हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
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सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही सीबीआई
शुभम के घर के आस-पास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि उसके संपर्कों का पता लगाया जा सके। फिलहाल नासिक के कई अन्य संदिग्ध भी एजेंसी की नजर में हैं और जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
NTA अधिकारी भी जांच के दायरे में
मिली जानकारी के अनुसार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ा एक अनजान अधिकारी अब CBI की जांच के दायरे में है। यह खुलासा मनीषा संजय वाघमारे और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। इन दोनों आरोपियों को कोर्ट ने 10 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया है। गौरतलब है कि इसी पेपर लीक विवाद के कारण 3 मई को हुई NEET परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।