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CBI raids Anil Ambani: रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और उसके मालिक अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को सीबीआई ने अंबानी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने यह कार्रवाई एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में की है। आरोप है कि इस फ्रॉड से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को करीब 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और शुरुआती जांच में एजेंसी को कई अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी अनिल अंबानी से पूछताछ कर चुका है।
17 हजार करोड़ के कर्ज पर सवाल
ईडी ने 5 अगस्त को अनिल अंबानी से करीब 10 घंटे पूछताछ की थी। यह पूछताछ 17,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी थी। एजेंसी का शक है कि यस बैंक और अन्य बैंकों से मिले लोन को शेल कंपनियों के जरिये दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया। अंबानी ने दस्तावेज जमा करने के लिए 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन जांच अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। जांच एजेंसियों के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) पर 5,901 करोड़ रुपये, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) पर 8,226 करोड़ रुपये और आरकॉम (RCom) पर 4,105 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।
बैंकों का बड़ा फंसा पैसा
इन कंपनियों का कर्ज लगभग 20 बैंकों के समूह पर बकाया है, जिनमें यस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में "कुछ गड़बड़" दिखाई दे रही है, इसलिए छापेमारी जरूरी थी। अब सीबीआई और ईडी दोनों इस मामले की जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अनिल अंबानी को और बड़ी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।