
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चल रहे ऑपरेशन चक्र-V के तहत डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी की जांच के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर किया गया। वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क को खत्म करने के लिए सीबीआई लगातार प्रयास कर रही है।
एक आरोपी को केरल से और अन्य दो को गुजरात से पकड़ा है। षडयंत्र में उनकी सक्रिय भूमिका साबित करने वाले अहम डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिलने के बाद ये गिरफ्तारियां सामने आई हैं। आरोपी विदेशों समेत अन्य स्थानों से सक्रिय अपराधियों को वित्तीय माध्यमों समेत घरेलू सुविधा सहायता प्रदान करने में सीधे तौर पर शामिल पाए गए।
40 स्थानों पर सीबीआई की ओर से तलाशी अभियान
गिरफ्तार व्यक्तियों को केरल और गुजरात की सक्षम स्थानीय अदालतों में पेश किया गया। ट्रांजिट वारंट प्राप्त करने के बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और सीबीआई अदालत में पेश किया गया। ये गिरफ्तारियां बीते सप्ताह दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल में करीब 40 स्थानों पर सीबीआई की ओर से तलाशी अभियान चलाया गया। इन तलाशियों में डिजिटल उपकरण, केवाईसी दस्तावेज़, सिम कार्ड और संचार रिकॉर्ड समेत अहम साक्ष्य जब्त किए गए थे। इसमें विदेशी साइबर अपराधियों समेत एक संगठित घरेलू सुविधा नेटवर्क के अस्तित्व का पता चला, जो एक सिंडिकेट का समर्थन करता था। सीबीआई लगातार खुफिया-आधारित अभियानों, अंतर-एजेंसी समन्वय और जटिल अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क का मुकाबला करने को लेकर उन्नत डिजिटल फोरेंसिक के उपयोग के जरिए साइबर-सक्षम वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।