CBI takes major action: मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। ताजा मामला जबलपुर से सामने आया है, जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में छापा मारकर दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। सीबीआई ने जीएसटी विभाग के एक अधीक्षक और एक इंस्पेक्टर को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी एक व्यापारी को कथित तौर पर डराकर मामले को निपटाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे।
जांच के नाम पर दबाव बनाने का आरोप
सीबीआई के अनुसार, जीएसटी अधीक्षक मुकेश बर्मन और इंस्पेक्टर सचिन खरे ने जबलपुर के एक होटल व्यवसायी के प्रतिष्ठानों की जांच की थी। जांच के दौरान लेन-देन में खामियां बताते हुए करीब एक करोड़ रुपये की कथित रिकवरी दिखाई गई। व्यापारी ने इस आकलन पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों अधिकारियों ने मामला निपटाने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। व्यापारी ने इस पूरे मामले की शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद एजेंसी ने प्राथमिक जांच कर आरोपों को सही पाया।
पहली किस्त लेते ही जाल में फंसे
शिकायत सही पाए जाने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत दोनों अधिकारियों को रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा। जैसे ही 4 लाख रुपये का लेन-देन हुआ, सीबीआई टीम ने मौके पर कार्रवाई कर दोनों को हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद जीएसटी विभाग में अफसरों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। सीबीआई अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि कहीं इसमें और लोग तो शामिल नहीं हैं।