CBSE 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा प्रणाली पर एक छात्र की सतर्कता के बाद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, 17 वर्षीय छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने अपने फिजिक्स के अंक देखकर दोबारा जांच की मांग की. लेकिन जब उसे उत्तर पुस्तिका की कॉपी मिली, तो वह हैरान रह गया। छात्र के मुताबिक उसे दिखाई गई उत्तर पुस्तिका उसकी थी ही नहीं। बल्कि किसी दूसरे छात्र की कॉपी के साथ बदल गई थी। मामला इतना बढ़ गया कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक इसकी चर्चा होने लगी। आखिरकार सीबीएसई को खुद सामने आकर अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी।
कैसे सामने आई गड़बड़ी
आपको बता दें कि रिजल्ट जारी होने के बाद वेदांत श्रीवास्तव को फिजिक्स में उम्मीद से काफी कम नंबर मिले थे। ऐसे में बोर्ड के नियमों के अनुसार छात्र ने उत्तर पुस्तिका की कॉपी के लिए आवेदन किया था। लेकिन जब उत्तर पुस्तिका उसके सामने आई, तो वह दंग रह गया। छात्र के मुताबिक उत्तर पुस्तिका में लिखावट उसकी नहीं थी। इतना ही नहीं, जवाब लिखने का तरीका, शब्दों का चयन और पूरे पेपर का अंदाज भी उसका नहीं था। उसे लगा कि कहीं कोई बड़ी गड़बड़ी हुई है।
परिवार को झेलनी पड़ी ट्रोलिंग
इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी और सवाल पूछा कि आखिर उसके रोल नंबर पर किस उत्तर पुस्तिका की जांच हुई थी। देखते ही देखते छात्र की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लाखों लोगों तक पहुंच गई। लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। कई लोगों ने छात्र का समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध किया। परिवार के अनुसार उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने परिवार की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाए और उन्हें 'देश विरोधी' तक कह दिया।
भाई ने दिया जवाब
इस पर वेदांत के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने समर्थन करने वालों का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका परिवार भारतीय है और उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार ने केवल इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था। उन्होंने अन्य विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं से फिजिक्स की कॉपी की तुलना करके ही इस बड़ी लिखावट संबंधी गड़बड़ी को पकड़ा था। उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
सीबीएसई ने सुधार अपनी गलती
रिपोर्ट्स के अनुसार लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते दबाव के बीच सीबीएसई ने पूरे मामले की जांच की। जांच में छात्र का दावा पूरी तरह सही पाया गया, जिसके बाद बोर्ड ने छात्र को ईमेल के जरिए उसकी सही फिजिक्स उत्तर पुस्तिका भेजी। बोर्ड ने कहा कि मामले की पूरी समीक्षा की जा रही है और छात्र के परिणाम में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।