CBSE Data Leak Case: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के साइबर सुरक्षा से जुड़े मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। 19 साल के एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि CBSE ने उन्हें अपने आईटी (IT) सिस्टम की कमियों को ठीक करने के लिए आमंत्रित किया है। निसर्ग के मुताबिक, उन्हें IIT के साइबर एक्सपर्ट्स की टीम के साथ एक इंजीनियर के रूप में काम करने का ऑफर मिला है।
टेक्स्ट मैसेज और ईमेल से मिला ऑफर
निसर्ग अधिकारी ने बताया कि उनसे संपर्क करने के लिए टेक्स्ट मैसेज और ईमेल दोनों का इस्तेमाल किया गया है। उन्हें भेजे गए मैसेज में लिखा था कि हालिया बातचीत के बाद, उन्हें IIT की साइबर सुरक्षा टीम में इंजीनियर के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है क्योंकि CBSE की तरफ से इस पर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
IIT कानपुर और IIT मद्रास के एक्सपर्ट्स से ली गई मदद
आपको बता दें कि निसर्ग पिछले महीने तब अचानक चर्चा में आए थे, जब उन्होंने CBSE के एक पोर्टल में बड़ी खामी को उजागर किया था, जिससे छात्रों का डेटा खतरे में था। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए IIT कानपुर और IIT मद्रास के साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली गई।
कई तकनीकी बदलाव किए गए
मिली जानकारी के अनुसार IIT मद्रास और IIT कानपुर के एक्सपर्ट्स की टीम ने लगभग दो हफ्ते तक CBSE मुख्यालय में रहकर सिस्टम की समीक्षा की। इस दौरान सुरक्षा खामियों को दूर करने और सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव किए गए।
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हैकर्स ने बड़े साइबर हमले की कोशिश की
इसके बाद 2 जून को जब री-इवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा शुरू किया गया, तो हैकर्स ने उस पर बड़े साइबर हमलों की कोशिक की। बता दें कि पोर्टल खुलते ही सिर्फ दो मिनट के अंदर 13 लाख बार फर्जी लॉगिन करने की कोशिश की गई। वहीं, 3 जून को यह संख्या 30 लाख से अधिक पहुंच गई।
साइबर हमलों के बाद भी वेबसाइट बिना रुकावट के चली
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) अटैक की श्रेणी में आ सकते हैं। इन हमलों का मकसद अत्यधिक दवाब बनाकर CBSE के सर्वर को ठप करना था। हालांकि IIT एक्सपर्ट्स द्वारा बनाए गए नए सुरक्षा सिस्टम की वजह से वेबसाइट बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलती रही और किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।