NCERT New Book: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और नेशनल करिकुल फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCE-SE) 2023 के तहत स्कूली शिक्षा में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने हाल ही में 9वीं क्लास की नई मैथ्स और साइंस की बुक जारी की है। इस नई बुक को पढ़ाने से पहले टीचर्स की 'मास्टर क्लास' लगाई गई। जिसके लिए सीबीएसई और एनसीईआरटी ने मिलकर शिक्षकों के लिए एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया। इस वर्कशॉप का मकसद शिक्षकों को नई किताबों की संरचना, पढ़ाने के तरीके और कक्षा में उनके बेहतर यूज के बारे में जानकारी देना था।
110 शिक्षक हुए शामिल
आपको बता दें कि CBSE और NCERT की ओर से यह ओरिएंटेशन वर्कशॉप नई दिल्ली के द्वारका स्थित CBSE कॉम्पलेक्स में आयोजित किया गया था। इस वर्कशॉप में CBSE स्कूलों के 58 मैथ्स और 52 साइंस शिक्षकों समेत कुल 110 शिक्षक शामिल हुए थे। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
रटने की जगह समझने पर जोर
वर्कशॉप के सभी सत्र NCERT के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए गए। इस ट्रेनिंग में शिक्षकों को नई किताबों के पीछे की शैक्षिक सोच को समझने और कक्षा में उन्हें प्रभावी ढंग से पढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। इस दौरान शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों को रट्टा मारने की जगह विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने के लिए कैसे प्रेरित किया जाए।
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इन विषयों पर रहा खास फोकस
इस दौरान शिक्षकों को कम्पीटेंसी आधारित शिक्षण यानि किताबों की पढ़ाई को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना और एक्सपीरियंस आधारित शिक्षण यानि बच्चों में समस्या सुलझाने और गहराई से सोचने की क्षमता का विकास करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा समग्र मूल्यांकन के तरीकों को भी समझाया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप हैं।
टीचर्स की तैयारी को मजबूत करना
CBSE के अनुसार, इस वर्कशॉप का मकसद मास्टर ट्रेनर्स के तौर पर टीचर्स की तैयारी को मजबूत करना है। बोर्ड ने कहा कि यह ट्रेनिंग शिक्षकों को नई किताबों के पीछे की शैक्षिक सोच को समझने और क्लासरूम में ऐसे तरीके अपनाने में मदद करेगी जो क्रिटिकल थिंकिंग, एप्लीकेशन-आधारित लर्निंग और कॉन्सेप्ट्स की गहरी समझ विकसित करने में मदद करेंगे।