CBSE 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की इस साल की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम से असंतुष्ट छात्रों का गुस्सा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। इस साल लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल परीक्षा में शामिल हुए कुल छात्रों में से हर चौथे छात्र ने बोर्ड से अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मांग ली है। ऐसा पहली बार है जब इतने छात्रों ने कॉपियों की जांच की प्रक्रिया पर सीधे तौर पर अविश्वास जताया है।
शुरुआती 3 घंटे में 1.26 लाख से अधिक आवेदन
सीबीएसई द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस साल बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की कुल मिलाकर 98 लाख 60 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया था। इस परीक्षा में देश भर से कुल 17.68 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। जैसे ही बोर्ड ने रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों के लिए री-इवैल्युएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन का ऑनलाइन पोर्टल खोला, शुरुआती 3 घंटे के भीतर ही रिकॉर्ड 1.26 लाख से अधिक आवेदन दर्ज हो गए।
238% से अधिक का रिकॉर्ड उछाल आया
आपको बता दें कि अब तक 4 लाख से अधिक छात्र 11.31 लाख कॉपियों के मार्क्स वेरिफिकेशन और स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर चुके हैं। इस भारी लोड के चलते वेबसाइट भी क्रैश हो गई थी। बोर्ड को अपनी साइट का लाइव डेटा अपडेट बंद करना पड़ा। अगर साल 2025 से तुलना करें, तो पिछले वर्ष कुल 1.31 लाख छात्रों ने 2.82 लाख उत्तर पुस्तिकाओं पर आपत्ति जताई थी। लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस बार कॉपियों को चैलेंज करने वाले छात्रों की संख्या में लगभग 238% से अधिक का रिकॉर्ड उछाल आया है।
5 दिन से सर्वर डाउन
इतने आवेदन आने के बाद पिछले 5 दिनों से सीबीएसई का आवेदन पोर्टल पूरी तरह से क्रैश है। छात्रों को आवेदन करने के दौरान अगले स्टेप पर जाने के लिए एक ही पेज को 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा है। वेबसाइट पर लागातार 'सर्विस नॉट अवेलेबल'का एरर आ रहा है। पोर्टल केवल देर रात ही कुछ समय के लिए एक्टिव हो पाता है। जिसके चलते छात्रों और माता-पिता को रात भर जग के फॉर्म भरना पड़ रहा है।
ट्विटर (X) हैंडल से ढूंढना पड़ रहा लिंक
इसके अलावा, सीबीएसई की मुख्य आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर री-इवैल्युएशन का कोई सीधा लिंक भी नहीं है, छात्रों को बोर्ड के आधिकारिक ट्विटर (X) हैंडल से लिंक ढूंढना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई छात्रों की शिकायत है कि उनके खाते से पैसे तो कट गए, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल होने के कारण आवेदन सबमिट नहीं हो सका।
छात्रों की तीन मांगें
मार्क्स वेरिफिकेशन: अंकों के जोड़ और डेटा एंट्री की दोबारा जांच की जाएं।
स्कैन कॉपी (PDF) की मांग: सबसे ज्यादा मांग कॉपियों की डिजिटल स्कैन कॉपी की है, ताकि छात्र देख सकें कि कहीं कोई प्रश्न अन-चेक तो नहीं रह गया।
री-इवैल्युएशन चैलेंज: स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्र विशिष्ट प्रश्नों के मूल्यांकन को सीधे चुनौती दे रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
छात्रों के बढ़ते गुस्से पर खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संज्ञान लिया है। शिक्षा मंत्रालय ने सर्वर क्रैश होने, डिजिटल मूल्यांकन की कमियों और छात्रों को धुंधली (आंसरशीट मिलने की शिकायतों पर सीबीएसई बोर्ड को तलब किया है। मंत्रालय ने इस तकनीकी विफलता के लिए जिम्मेदार बाहरी आईटी एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए बोर्ड से एक विस्तृत और व्यापक रिपोर्ट मांगी है।