CBSE Re-evaluation Portal 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से आज री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल लाइव किया गया था। बड़ी संख्या में छात्र अपने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच बोर्ड ने जानकारी दी है कि पोर्टल को साइबर हमलों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद हजारों छात्रों ने बिना किसी बड़ी परेशानी के अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली।
सीबीएसई ने जानकारी की साझा
CBSE ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X पर साइबर हमले की जानकारी साझा की। सीबीएसई के मुताबिक री-इवैल्यूएशन पोर्टल फिलहाल एक समय में 8,000 से अधिक यूजर्स को संभालने में सक्षम है। दोपहर 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्र अपनी एप्लीकेशन सफलतापूर्वक सबमिट कर चुके थे। बोर्ड ने बताया एक तरफ हजारों छात्रों ने सीबीएसई री-इवैल्युएशन पोर्टल का इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी तरफ कुछ शरारती तत्वों ने साइबर हमलों के ज़रिए इसकी सेवाओं को रोकने की कोशिश की।
Update from our Cybersecurity Teams:
— CBSE HQ (@cbseindia29) June 2, 2026
The CBSE revaluation portal is currently supporting over 8,000 concurrent users. As of 3:00 PM today, more than 16,000 students have successfully completed their submissions.
While thousands of students accessed the CBSE re-evaluation portal…
2 मिनट में 15 लाख हिट्स
बोर्ड ने बताया कि महज 2 मिनट के भीतर वेबसाइट पर करीब 15 लाख हिट्स भेजे गए ताकि सर्वर क्रैश हो जाए और छात्र इसका इस्तेमाल न कर सकें। इसके अलावा एक लाख से अधिक बार अनधिकृत तरीके से फाइलों तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई। बोर्ड ने बताया कि छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर बोर्ड ने प्लेटफॉर्म को और बेहतर किया है। अब सेशन टाइम लिमिट को बढ़ा दिया गया है ताकि छात्रों को फॉर्म भरने और सबमिशन की प्रक्रिया पूरी करने में कोई जल्दबाजी या तकनीकी परेशानी न हो। बोर्ड का कहना है कि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तकनीकी टीम चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है.
आज से पोर्टल हुआ लाइव
आपको बता दें कि यह पोर्टल कक्षा 12वीं के उन छात्रों के लिए खोला गया है जो अपने अंकों के वेरिफिकेशन या कॉपियों के री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करना चाहते हैं। पहले इस पोर्टल को 29 मई को ही लाइव होना था, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते इसे टाल दिया गया था। इसके बाद पोर्टल 1 जून को खुलना था, लेकिन 1 जून को भी खुल सका। वहीं आज सुबह से पोर्टल को को लाइव किया गया है। जिसके तुरंत बाद यह साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गया।