CBSE Result: सीबीएसई कक्षा 12वीं के रिजल्ट के बाद इस समय एक बड़ा विवाद चल रहा है। स्टूडेंट्स और पेरेंट्स इस बार कॉपी चेकिंग के नए तरीके को लेकर काफी नाराज हैं। रिजल्ट कंट्रोवर्सी से जूझ रहा सीबीएसई बोर्ड आज से री-इवैल्यूएशन की विंडो खोलने जा रहा है। इस साल लागू किए गए नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ियों, पोर्टल क्रैश के बीच यह प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है।
4 लाख से ज्यादा आवेदन
आपको बता दें कि अब तक 4,04,319 लाख छात्रों ने कॉपियों की री-चेकिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं। जिसके तहत कुल 11,31,961 लाख आंसर सीट की मांग की गई है। इनमें से 8 लाख से ज्यादा आंसर-बुक्स छात्रों को डिजिटली उपलब्ध कराई जा चुकी है।
फीस में भारी कटौती
बढ़ते हंगामे के बाद सीबीएसई ने छात्रों को राहत देने के लिए अपनी फीस में भारी कटौती की है। वहीं, अगर री-इवैल्यूएशन के बाद किसी छात्र के नंबरों में बढ़ोतरी होती है, तो बोर्ड द्वारा ली गई पूरी फीस छात्र को वापस कर दी जाएगी।
स्कैन कॉपी पाना: पहले ₹700 प्रति विषय था, जिसे घटाकर अब ₹100 प्रति विषय कर दिया गया है।
नंबरों का वेरिफिकेशन: पहले ₹500 था, जो अब ₹100 प्रति विषय होगा।
री-इवैल्यूएशन: पहले ₹100 प्रति प्रश्न था, जिसे अब ₹25 प्रति प्रश्न कर दिया गया है।
री-इवैल्यूएशन के लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
स्टेप 1: सबसे पहले सीबीएसई के पोर्टल पर जाएं और अपने रोल नंबर तथा एडमिट कार्ड आईडी की मदद से लॉगिन करें।
स्टेप 2: डैशबोर्ड पर दिख रहे 'वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन' के ऑप्शन पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनें — सिर्फ वेरिफिकेशन, सिर्फ री-इवैल्यूएशन या दोनों।
स्टेप 4: अगर सिर्फ वेरिफिकेशन कराना है तो संबंधित विषय चुनें। री-इवैल्यूएशन के लिए उन खास सवालों के नंबर चुनें जिनकी आप दोबारा जांच कराना चाहते हैं।
स्टेप 5: स्क्रीन पर खुले फॉर्म में अपनी सभी जरूरी डिटेल्स ध्यानपूर्वक दर्ज करें।
स्टेप 6: ऑनलाइन फीस जमा करें।
स्टेप 7: फीस जमा होते ही आपका आवेदन सबमिट हो जाएगा और आपको एक 'एप्लिकेशन नंबर' मिलेगा।
क्या है पूरा मामला
इस साल सीबीएसई ने बड़े पैमाने पर तकनीकी बदलाव करते हुए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया। इसमें करीब 98 लाख आंसर शीट को स्कैन किया गया और डिजिटल तरीके से जांचा गया। बोर्ड का दावा था कि इससे मूल्यांकन तेज और पारदर्शी होगा। लेकिन रिजल्ट घोषित होते ही सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेहद कम नंबर मिले। कॉपियों में कई जगह आंसर बिना चेक किए छोड़ दिए गए। वहीं, जब छात्रों ने कॉपियां देखनी चाही, तो सीबीएसई का आधिकारिक पोर्टल बार-बार क्रैश होता रहा। री-चेकिंग पोर्टल क्रैश होने की वजह से छात्रों और अभिभावकों में बोर्ड के प्रति गहरा अविश्वास पैदा हो गया है।