Middle East War: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति व्यवस्था और मौजूदा हालात की समीक्षा पर चर्चा हो रही है। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री कर रहे हैं और इसमें कई वरिष्ठ मंत्री तथा शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं। मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों, गैस और उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर फोकस किया जा रहा है।
वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक में मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं। इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, सर्वानंद सोनोवाल, जेपी नड्डा, हरदीप सिंह पुरी, प्रल्हाद जोशी, पीयूष गोयल और राममोहन नायडू भी बैठक में शामिल हुए हैं। बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभावों का आकलन किया जा रहा है।
पिछली बैठक के फैसलों की होगी समीक्षा
बताया जा रहा है कि 22 मार्च को हुई पिछली बैठक में कई अहम फैसले लिए गए थे। आज की बैठक में उन फैसलों के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की समीक्षा की जा रही है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की ऊर्जा आपूर्ति और बाजार पर न्यूनतम पड़े। इसी कारण सभी संबंधित मंत्रालयों से ताजा रिपोर्ट ली जा रही है।
पीएनजी और एलपीजी की सप्लाई पर खास ध्यान
बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की उपलब्धता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हो रही है। साथ ही घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखने की योजना पर विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि वैश्विक संकट के बावजूद देश के उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
उर्वरक आपूर्ति और आगे की रणनीति पर मंथन
बैठक में किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता को लेकर भी विस्तार से समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि किसी भी स्थिति में उर्वरक की कमी न होने पाए। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बदलते हालात को देखते हुए आगे की रणनीति और संभावित कदमों पर भी गहन मंथन किया जा रहा है।