अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से चल रही जंग के बाद बुधवार सुबह सीजफायर का ऐलान हुआ था, लेकिन हालात जल्दी ही बदलते नजर आए। कुछ ही घंटों बाद संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि ईरान की ओर से लगातार मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, जिससे साफ हो गया कि जमीनी स्तर पर तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
ड्रोन हमलों से बढ़ी चिंता
कुवैत की सेना ने भी सुबह से ईरानी ड्रोन हमलों का सामना करने की बात कही। सेना के अनुसार कई ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन कुछ हमले तेल प्रतिष्ठानों और बिजली स्टेशनों पर हुए, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। यह घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और किसी भी समय स्थिति और बिगड़ सकती है।
ईरान में रिफाइनरी विस्फोट
इसी बीच ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने लावन द्वीप पर स्थित तेल रिफाइनरी में बड़े विस्फोट की खबर दी। यह धमाका सीजफायर के बाद पहली बड़ी घटना मानी जा रही है। हालांकि विस्फोट के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन इससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं।
लेबनान में लागू नहीं होगा समझौता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने साफ किया कि यह सीजफायर लेबनान में लागू नहीं होगा। हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली कार्रवाई जारी रहेगी। इस बयान से साफ है कि युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और कुछ क्षेत्रों में संघर्ष पहले की तरह जारी रहेगा। इससे शांति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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शर्तों के साथ समर्थन और रणनीति
इजरायल ने अमेरिका के फैसले का समर्थन जरूर किया है, लेकिन इसके साथ शर्त भी रखी है कि ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोले और सभी हमले बंद करे। अमेरिका ने भी इस दौरान व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रखने और सप्लाई चेन को बनाए रखने की बात कही है। इन कदमों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।
दुनिया में बनी अनिश्चितता
डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर को विश्व शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया था, लेकिन ताजा घटनाओं ने इस उम्मीद पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हमले और विस्फोट दिखाते हैं कि हालात अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष शांत होगा या फिर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा करेगा।