लखनऊ। मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने बूथ स्तर पर सत्यापन की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क करें। पात्र लोगों का नाम दर्ज कराने के साथ विवरण में मिली कमियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दुरुस्त कराया जाए।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ निर्वाचन व्यवस्था और आम नागरिकों के बीच सबसे अहम कड़ी हैं। उनके स्तर पर होने वाली गतिविधियों का सीधा असर चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पड़ता है। इसलिए कामकाज में निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। किसी योग्य व्यक्ति को मताधिकार से वंचित न होना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं नियमों के तहत हटाए जाने योग्य प्रविष्टियों की पहचान भी तय प्रक्रिया के अनुसार की जाए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीएलओ से कहा कि वे क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनके प्रश्नों का धैर्य के साथ समाधान करें। निर्वाचन से जुड़े प्रावधानों को लेकर नागरिकों के मन में कई बार भ्रम या जिज्ञासा रहती है। ऐसे मामलों में उन्हें सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसी नागरिक की ओर से दस्तावेज या सूचना उपलब्ध कराए जाने पर उसका परीक्षण नियमानुसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह काम केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने तक सीमित नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सही और अद्यतन विवरण जरूरी है। इसलिए बीएलओ अपने बूथ क्षेत्र के प्रत्येक परिवार तक पहुंच बनाने के साथ नए पात्र नागरिकों की पहचान और उपलब्ध सूचनाओं के सत्यापन पर विशेष ध्यान दें।
संवाद के दौरान बीएलओ ने अपने क्षेत्रों में काम करते समय सामने आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और अनुभवों को भी साझा किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उनकी समस्याओं को सुना और प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में तकनीक का उपयोग बढ़ा है, लेकिन नागरिकों से सीधे संपर्क स्थापित करने में बीएलओ की भूमिका अब भी महत्वपूर्ण है।
निर्वाचन आयोग की कोशिश है कि चुनाव से जुड़ी यह आधारभूत व्यवस्था अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बने। इसके लिए जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी, सत्यापन और नागरिकों से संवाद पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में हुआ यह संवाद भी इसी अभियान का हिस्सा रहा, जिसका उद्देश्य पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत करना है।