CEC Gyanesh Kumar March : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन दिल्ली में और तेज हो गया। चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने संसद मार्ग पर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर के पास धरने पर बैठ गए। बाद में राहुल और प्रियंका आकाशवाणी भवन के अंदर भी पहुंचे। विपक्ष CEC के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहा है।
https://twitter.com/ANI/status/2107365519158558958
आकाशवाणी भवन में धरने पर बैठे नेता
मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पवन खेड़ा और दीपेंद्र हुड्डा समेत कई नेता आकाशवाणी भवन के पास बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए। कुछ देर बाद राहुल और प्रियंका भवन परिसर के अंदर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी वहां से चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने का रास्ता तलाश रहे थे।
https://twitter.com/PTI_News/status/2107363528592306259
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका
INDIA ब्लॉक के सांसद संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे थे। नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बाद सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और CEC के खिलाफ नारे लगाए। मार्च में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे।
ये भी पढ़ें : CEC के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च रोका गया, Rahul-Priyanka समेत 200 से ज्यादा सांसद धरने पर बैठे
राहुल-प्रियंका समेत नेता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। इससे पहले राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़ने और तिरंगा लहराने की तस्वीरें भी सामने आईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने के लिए कई बसें लगाई थीं। Reuters के मुताबिक राहुल और प्रियंका समेत विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया।
CEC पर विपक्ष के आरोप, आयोग का जवाब
विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद हुआ है जिसमें अदालत ने कहा था कि उसने Form 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी थी और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। वहीं चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को प्रक्रिया के अनुसार और सर्वसम्मति से लिया गया बताया है। ऐसे में अब प्रदर्शन के बीच विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव और बढ़ गया है।