CEC Resignation Demand : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है, लेकिन अगर चुनाव प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है तो आयोग की जिम्मेदारी है कि वह स्थिति स्पष्ट करे और जनता का भरोसा बनाए रखे।
राहुल गांधी ने मांगा CEC इस्तीफा
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपने पुराने ‘वोट चोरी’ के दावों को दोहराया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनें। उनके आरोपों पर चुनाव आयोग का कहना है कि सभी तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से फैसले लिए गए हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस के पवन खेड़ा ने भी चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2025-26 के दौरान करीब 50 अधिकारियों के तबादले हुए और उनसे संबंधित वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानी ACR लंबित हैं। विपक्ष ने इसे आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं आयोग ने कहा है कि SIR समेत उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
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अभिजीत दिपके ने भी उठाई मांग
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि अगर उन्हें चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उन्हें ऐसे चुनावों में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। दिपके ने कथित चुनावी गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। इस बीच CJP ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करने की बात कही है।
चिराग बोले- संदेह दूर करना जरूरी
चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग को उठ रहे सवालों पर मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष जो कहता है उससे अलग अगर जनता के मन में ही चुनाव प्रक्रिया को लेकर शक पैदा होने लगे तो यह चिंता का विषय है। इसलिए खासकर CEC की जिम्मेदारी है कि वह आयोग की स्थिति स्पष्ट करें, ताकि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में कोई अनावश्यक संदेह न रहे।