Modi reaches BJP headquarters: बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों ने साफ कर दिया है कि राज्य में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है, जबकि जेडीयू ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है। वहीं लोजपा (रामविलास) अपनी सीटों पर शानदार बढ़त बनाए हुए है। दूसरी ओर महागठबंधन पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ है, जहां राजद और कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी चुनावी मैदान में टिक नहीं पाई और लगभग क्लीन बोल्ड हो गई। एनडीए की इस भारी जीत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बड़ा संदेश दिया है।
पीएम मोदी ने कहा—सुशासन और जनहित की जीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार की जनता ने सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक जनादेश उन्हें राज्य की सेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। मोदी ने एनडीए कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की, जिन्होंने न केवल विकास का एजेंडा जन-जन तक पहुंचाया बल्कि विपक्ष के आरोपों का प्रभावी जवाब भी दिया। पीएम के अनुसार, यह जीत उन तमाम प्रयासों की पुष्टि है जो एनडीए सरकार ने राज्य के उत्थान के लिए किए।
नीतीश, चिराग और अन्य सहयोगियों को बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आने वाले समय में एनडीए बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्कृति और युवाओं के लिए और अधिक मजबूती से काम करेगा। उन्होंने राज्य की नारी शक्ति और युवा शक्ति को बेहतर अवसर देने का वादा भी किया। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को इस अभूतपूर्व जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनता ने एनडीए के ट्रैक रिकॉर्ड और भविष्य की विकास योजनाओं पर भरोसा जताया है, जो बिहार को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
एनडीए 200 के पार, विपक्ष पर बड़ा झटका
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार रुझान तेजी से एनडीए के पक्ष में जा रहे हैं। स्थिति ऐसी बनती दिख रही है कि गठबंधन 200 सीटों का आंकड़ा पार कर सकता है। जेडीयू ने भी इस बार शानदार वापसी की है, जबकि चिराग पासवान और जीतनराम मांझी ने भी लोकसभा चुनाव जैसी ताकत दिखाई है। दूसरी ओर महागठबंधन 30 सीटों के आसपास सिमटता दिख रहा है, जो विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत है।
मोदी–नीतीश की जोड़ी फिर हिट, महिलाओं का वोट बना गेमचेंजर
इस चुनाव ने एक बार फिर साबित किया कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी बिहार की राजनीति में कितना प्रभाव रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एनडीए सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का बड़ा असर दिखा है। बड़ी संख्या में महिलाओं ने मतदान किया और इनमें से अधिकांश ने एनडीए के पक्ष में मतदान किया, जिससे परिणामों में भारी अंतर नजर आया।
तेजस्वी–राहुल की रणनीति पड़ी भारी, ‘वोट चोरी’ का आरोप नहीं चला
आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन की रणनीति इस चुनाव में पूरी तरह विफल साबित हुई। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और मुकेश साहनी ने चुनाव से पहले कई जगहों पर ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन जनता ने इस मुद्दे को नकार दिया। रुझानों से साबित होता है कि यह मुद्दा मतदाताओं पर कोई असर नहीं डाल सका।