Motor Vehicles Act Road Safety: देश में हर साल लाखों की संख्या में सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में सबसे ज्यादा दो पहिया वाहन सवारों की मौत होती है, ऐसे हादसों में सबसे ज्यादा लापरवाही खराब क्वालिटी के हेलमेट के कारण होती है। वहीं, केंद्र सरकार खराब क्वालिटी के हेलमेट उपयोग करने को लेकर काफी गंभीर है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से घटिया हेलमेट बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा सर्टिफाइड हेलमेट का ही इस्तेमाल करें।
सरकार ने की अपील
शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उपभोक्ता मामलों के विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) देश भर के उपभोक्ताओं से अपील करते हैं कि वे केवल बीआईएस-प्रमाणित हेलमेट का उपयोग करें। विभाग ने बीआईएस प्रमाणीकरण के बिना हेलमेट के विनिर्माण या बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आह्वान किया।
चालकों को हेलमेट पहनना अनिवार्य
विभाग ने कहा कि भारतीय सड़कों पर 21 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन हैं, ऐसे में सवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। विभाग ने दोहराया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है और घटिया गुणवत्ता वाले हेलमेट बेचना सीधे सुरक्षा से समझौता है।
ISI-मार्क वाले हेलमेट ही वैध
सरकार ने बताया कि 2021 से एक गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू है, जिसके तहत दोपहिया चालकों के लिए BIS मानकों के तहत प्रमाणित ISI-मार्क वाले हेलमेट ही वैध माने जाते हैं। जून 2025 तक, देशभर में 176 हेलमेट निर्माता ऐसे हैं, जिनके पास वैध BIS लाइसेंस है। बता दें कि सड़क किनारे बेचे जाने वाले कई हेलमेट में अनिवार्य BIS प्रमाणन नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी जोखिम होता है और सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की मौत हो जाती है।